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मतदान में रूकेगी धांधली
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Thu, 29 Sep 2016 12:52 AM IST
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मतदाता सूची से नाम गायब होने पर विरोध जताते व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में पारदर्शी व निष्पक्ष मतदान कराने के मकसद से निर्वाचन आयोग ईवीएम भंडारण गोदाम के बाद अब वोटर वेरिफाइड पेपर आडिट ट्रेल (वीवीपैट) भंडारण के लिए भी गोदाम का निर्माण कराएगा। गोदाम के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। जमीन की पैमाइश कराकर गोदाम पर होने वाले खर्च का आंकलन कर प्रस्ताव जल्द ही आयोग को भेजा जाएगा। विभाग में अभी से इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
लोगों ने इसे आम मतदाताओं के लिए इसे बेहत पहल करार दिया है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के भंडारण की समस्या काफी समय से बनी हुई थी। जर्जर भवनों में इनके भंडारण और सुरक्षा के मद्देनजर आयोग के निर्देश पर विभिन्न जिलों में ईवीएम के भंडारण गोदामों का निर्माण कराया गया। गाजीपुर में निर्वाचन कार्यालय परिसर में एक करोड़ की लागत से ईवीएम भंडारण गोदाम का निर्माण कराया गया है।
भंडारण गोदाम के निर्माण के बाद आयोग अब वोटर वेरिफाइड पेपर आडिट ट्रेल (वीवीपैट) के भंडारण के लिए गोदाम का निर्माण कराने जा रहा है। वीवीपैट प्रणाली स्वच्छ और निष्पक्ष मतदान के लिए की गई नई पहल है। इसके इस्तेमाल से मतदाता जान सकते हैं कि ईवीएम में उनका वोट सही दर्ज हुआ है कि नहीं।
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इसमें मतदाता को वोट डालने के बाद शीशे के अंदर से एक पर्ची दिखती है, जिसमें उसका नाम, दबाए गए चुुनाव चिह्न की जानकारी और उम्मीदवार का क्रमांक दर्ज होता है। भंडारण गोदाम के लिए आयोग ने भूमि का चयन करने का निर्देश दिया है। आयोग का कहना है कि भूमि के चयन तथा धनराशि के आगणन में यह ध्यान रखा जाए कि वीवीपैट बाक्स का आकार एक सेट ईवीएम के क्षेत्रफल का 1.5 गुना है।
ईवीएम गोदाम के ऊपरी तल पर वीवीपैट भंडारण के लिए गोदाम का निर्माण कराया जा सकता है।इससे गोदाम निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी। इस संबंध में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वीवीपैट के सुरक्षित भंडारण के लिए वेयरहाउस का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र के पीछे जमीन चिह्नित की गई है। भूमि की पैमाइश और गोदाम पर होने वाले खर्च का आगणन तैयार कराया जा रहा है। इसके बाद उसे आयोग को
भेजा जाएगा।
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लोगों ने इसे आम मतदाताओं के लिए इसे बेहत पहल करार दिया है। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के भंडारण की समस्या काफी समय से बनी हुई थी। जर्जर भवनों में इनके भंडारण और सुरक्षा के मद्देनजर आयोग के निर्देश पर विभिन्न जिलों में ईवीएम के भंडारण गोदामों का निर्माण कराया गया। गाजीपुर में निर्वाचन कार्यालय परिसर में एक करोड़ की लागत से ईवीएम भंडारण गोदाम का निर्माण कराया गया है।
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भंडारण गोदाम के निर्माण के बाद आयोग अब वोटर वेरिफाइड पेपर आडिट ट्रेल (वीवीपैट) के भंडारण के लिए गोदाम का निर्माण कराने जा रहा है। वीवीपैट प्रणाली स्वच्छ और निष्पक्ष मतदान के लिए की गई नई पहल है। इसके इस्तेमाल से मतदाता जान सकते हैं कि ईवीएम में उनका वोट सही दर्ज हुआ है कि नहीं।
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इसमें मतदाता को वोट डालने के बाद शीशे के अंदर से एक पर्ची दिखती है, जिसमें उसका नाम, दबाए गए चुुनाव चिह्न की जानकारी और उम्मीदवार का क्रमांक दर्ज होता है। भंडारण गोदाम के लिए आयोग ने भूमि का चयन करने का निर्देश दिया है। आयोग का कहना है कि भूमि के चयन तथा धनराशि के आगणन में यह ध्यान रखा जाए कि वीवीपैट बाक्स का आकार एक सेट ईवीएम के क्षेत्रफल का 1.5 गुना है।
ईवीएम गोदाम के ऊपरी तल पर वीवीपैट भंडारण के लिए गोदाम का निर्माण कराया जा सकता है।इससे गोदाम निर्माण में अपेक्षाकृत कम लागत आएगी। इस संबंध में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वीवीपैट के सुरक्षित भंडारण के लिए वेयरहाउस का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए लेखपाल प्रशिक्षण केंद्र के पीछे जमीन चिह्नित की गई है। भूमि की पैमाइश और गोदाम पर होने वाले खर्च का आगणन तैयार कराया जा रहा है। इसके बाद उसे आयोग को
भेजा जाएगा।