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निकाली गई साईंनाथ की पालकी
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
Updated Sun, 14 Feb 2016 12:36 AM IST
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साईं बाबा के वार्षिकोत्सव पर शनिवार को शहर के नवाबगंज स्थित शीतला मंदिर
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से साईंनाथ की भव्य पालकी और शोभा यात्रा निकाली गई। फूलों से सजी पालकी
के दर्शन और उस पर पुष्प अर्पित करने के लिए भक्तों का रेला उमड़ा रहा।
पालकी के आगे-आगे घोड़ा, ढोल, ताशा, नगाड़ा, बैंड और डीजे पर बज रही भजन की
धुन पर बाबा के भक्त नाचते-झूमते चल रहे थे।
शिरडी वाले, सांई बाबा, ऊं सांई राम सरीखे गीतों से वातावरण भक्तिमय हो रहा था। शोभायात्रा नवापुरा स्थित श्री दुर्गा शिव साईं मंदिर पर पहुंच कर समाप्त हुई। मंदिर पर पहुंचने के बाद पालकी को परिसर में ले जाया गया तथा विधिवत हवन पूजन अर्चन किया गया। शाम को बाबा की विशेष आरती की गई। मंदिर पर भी सुबह से ही दर्शन का सिलसिला शुरु हुआ जो देर रात तक चलता रहा।
मंदिर पर दिनभर दर्शन करने वाले भक्तों का तांता लगा रहा। रविवार को नवापुरा स्थित सांई मंदिर के पास महा भंडारा आयोजित किया गया है।शोभायात्रा में आगे-आगे घोड़े पर ध्वज पताका तथा पीछे श्रद्धा सबुरी लिखा बैनर लेकर भक्त चल रहे थे। इसके बाद बाबा की पालकी लिए भक्त जयकारे लगा रहे थे।
पालकी में बाबा की तस्वीर रखी हुई थी जिसकी एक झलक पाने के लिए सभी बेताब दिखे। ढोल, नगाड़े, ताशा और डीजे की धुन पर साईं नाथ के भजन शिरडी के साईं सबसे महान, साईं राम, साईं राम, ओम साईं राम, ओम साईं नाथ आदि भजनों पर लोग झूमते चल रहे थे।
यात्रा में माथे पर साईं नाथ की पीली पट्टी तथा गले में पीला दुपट्टा लिए बड़ी संख्या में महिलाएं तथा स्कूली छात्राओं का समूह जोश और उत्साह के साथ चल रहा था। इस यात्रा के साथ अन्य देवी देवताओं की झांकियां लेकर लोग अलग-अलग वाहनों से शामिल थे।
शोभायात्रा नबाबगंज, चीतनाथ, टाउनहाल, प्रकाश टाकीज, लालदरवाजा, मिश्र बाजार, महुआबाग, कचहरी रोड होते हुए नवापुरा स्थित मंदिर पर पहुंच कर समाप्त हुई। यह यात्रा जिस ओर से गुजर रही थी पालकी की एक झलक देखने के लिए लोग अपने घरों की खिड़कियों, छतों तथा अन्य स्थानों परखड़े दिखे।
शिरडी वाले, सांई बाबा, ऊं सांई राम सरीखे गीतों से वातावरण भक्तिमय हो रहा था। शोभायात्रा नवापुरा स्थित श्री दुर्गा शिव साईं मंदिर पर पहुंच कर समाप्त हुई। मंदिर पर पहुंचने के बाद पालकी को परिसर में ले जाया गया तथा विधिवत हवन पूजन अर्चन किया गया। शाम को बाबा की विशेष आरती की गई। मंदिर पर भी सुबह से ही दर्शन का सिलसिला शुरु हुआ जो देर रात तक चलता रहा।
मंदिर पर दिनभर दर्शन करने वाले भक्तों का तांता लगा रहा। रविवार को नवापुरा स्थित सांई मंदिर के पास महा भंडारा आयोजित किया गया है।शोभायात्रा में आगे-आगे घोड़े पर ध्वज पताका तथा पीछे श्रद्धा सबुरी लिखा बैनर लेकर भक्त चल रहे थे। इसके बाद बाबा की पालकी लिए भक्त जयकारे लगा रहे थे।
पालकी में बाबा की तस्वीर रखी हुई थी जिसकी एक झलक पाने के लिए सभी बेताब दिखे। ढोल, नगाड़े, ताशा और डीजे की धुन पर साईं नाथ के भजन शिरडी के साईं सबसे महान, साईं राम, साईं राम, ओम साईं राम, ओम साईं नाथ आदि भजनों पर लोग झूमते चल रहे थे।
यात्रा में माथे पर साईं नाथ की पीली पट्टी तथा गले में पीला दुपट्टा लिए बड़ी संख्या में महिलाएं तथा स्कूली छात्राओं का समूह जोश और उत्साह के साथ चल रहा था। इस यात्रा के साथ अन्य देवी देवताओं की झांकियां लेकर लोग अलग-अलग वाहनों से शामिल थे।
शोभायात्रा नबाबगंज, चीतनाथ, टाउनहाल, प्रकाश टाकीज, लालदरवाजा, मिश्र बाजार, महुआबाग, कचहरी रोड होते हुए नवापुरा स्थित मंदिर पर पहुंच कर समाप्त हुई। यह यात्रा जिस ओर से गुजर रही थी पालकी की एक झलक देखने के लिए लोग अपने घरों की खिड़कियों, छतों तथा अन्य स्थानों परखड़े दिखे।