UP News: गाजीपुर आ रहे हैं RSS प्रमुख मोहन भागवत, अक्षय वट-मौलशील सहित कई दुर्लभ प्रजाति के पौधे लगाएंगे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत 19 जुलाई को दूसरी बार सिद्ध पीठ हथियाराम मठ में आएंगे। आरआरएस प्रमुख के आने कि जानकारी महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति महराज ने पत्रकारों से बातजीत के दौरान दी। वे दूसरी बार 19 जुलाई की सुबह 11 बजे वाराणसी से अपने निजी साधन से बाई रोड आएंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सड़क का हो रहा निर्माण, चल रही तैयारी
इस बार संघ प्रमुख मोहन भागवत का स्वागत काफी भव्य होगा। इसे लेकर तैयारियां चल रहीं हैं। प्रशासन स्तर से भी तैयारियों की मानीटरिंग की जा रही है। सड़क का निर्माण कराया जा रहा। जखनिया और सादात ब्लॉक के सफाई कर्मचारी सहित अधिकारी भी तैयारियां में जुटे हुए हैं। वहीं,संघ प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा में कोई चूक न हो इसका भी विशेष ध्यान दिया जएगा।
पहली बार नौ ग्रह वाटिका का स्थापना
महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति महराज के मुताबिक पहली बार पूरे देश में सिर्फ हथियाराम मठ पर नौ ग्रह वाटिका का स्थापना वैदिक मंत्रोचार के साथ किया जाएगा। नवग्रह वाटिका के पूजन-अर्चन से लोगों को सुख और शांति कि प्राप्ती होगी। कैलाश भवन को भी काफी बेहतर तरीके से सजाया जा रहा है।
करीब 900 वर्ष पुरानी है सिद्धपीठ हथियाराम मठ की परंपरा, पीएम का परिवार भी कर चुका है दर्शन
सिद्धपीठ हथियाराम मठ की परंपरा करीब 900 साल पुरानी है। यह देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। मठ की 23 शाखाएं देश के कोने-कोने में फैली हुई हैं। यहीं नहीं इसके लाखों शिष्य है।महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति 26 पीठाधीश्वर के रूप में सिद्ध पीठ हथियाराम के गद्दी संभाले रखे हैं। उन्हें 23 फरवरी 1996 को सिद्धपीठ के 25 में पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी बाल कृष्ण यति महाराज द्वारा चुना गया था। जिन्हें बाद में जूना अखाड़े द्वारा महामंडलेश्वर उपाधि प्रदान की गई। सिद्ध पीठ हथियाराम मठ में पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी परिवार आकर पूजा-अर्चना कर चुका है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट हथियाराम मठ के लिए दिया है। जिस पर तेजी से काम चल रहा है। जिला पंचायत सड़कों का भी निर्माण कर रहा है।