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सुबह से ही लग जा रहीं कतारें
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:05 PM IST
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करंडा के यूनियन बैंक बड़सरा में बैंक खुलने से पहले ही गेट पर लगी लोगों की भीड़।
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देश में 500 और 1000 के नोट के प्रतिबंध के बाद करेंसी के लिए जद्दोजहद जारी है। नगर और ग्रामीण इलाकों के लोग नींद खुलते ही बैंकों पर पहुंच जा रहे हैं और पहले पैसा बदलने तथा निकालने के चक्कर में कतार में लग जा रहे हैं। यह सिलसिला पिछले आठ दिनों से निरंतर जारी है। बुधवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा जगह-जगह देखने को मिला। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में करेंसी के लिए ग्राहक कसरत करते नजर आए। जिले के दर्जनों डाकघरों पर अब भी करेंसी नहीं पहुंची है। पैसा न होने की स्थिति में कई डाकघरों में आज तक करेंसी बांटी ही नहीं गई। कुछ जगह बंटी भी है तो वहां खत्म हो हो जाने से डाक कर्मी हाथ खड़े कर चुके हैं। इन दिनों आम हो या खास, हर कोई पैसा पाने के लिए धक्का-मुक्की कर रहा है।
बुधवार को बैंकों में पैसा पाने के लिए लोगों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ा। लोगों को उस समय निराशा हाथ लगी, जब उन्हें बैंकों की तरफ से ये बताया जा रहा था कि पैसा खत्म हो गया है। ऐसे लोग बैंक कर्मियों को कोसते हुए मायूस घर लौट जा रहे हैं। पीएम मोदी ने आठ नवंबर से 500 और 1000 के नोट पर प्रतिबंध लगा दिया। आठ दिन गुजरने के बाद भी शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। नोटों पर प्रतिबंध से सबसे ज्यादा परेशान गरीब तबके के लोग हैं। ऐसे लोगों के पास अगर 500 और 1000 का दो-चार नोट भी हैं, तो उनके लिए बोझ बन गया है। इन नोटों को दूकानदार भी नहीं ले रहे हैं। ऐसे में घर का खर्च चलाने के लिए लोग बैंक पहुंचकर जद्दोजहद कर रहे हैं। अपने पैसे के लिए घंटों बैंकों में धक्कामुक्की के बीच अपने बीच अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
जल्द पैसा मिल जाए, इसके लिए बैंक खुलने से पहले ही सैकड़ों ग्राहक पहुंचकर मुख्य गेट पर लाइन में खड़े हो जा रहे हैं। सुबह से ही बैंकों में पैसा के लिए ग्राहकों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। भीड़ की वजह से झल्लाहट में बैंककर्मी भी परेशान रहे। एक नजर डाकघरों पर डालें तो करंडा के गोशंदेपुर और करंडा सहित इलाके किसी भी डाकघर में अभी तक नोट नहीं दिये जा रहे हैं। यहां नोट बदलना तो दूर, डाककर्मी लोगों को केवल आश्वासन की घुट्टी पीला रहे हैं। जखनियां तहसील मुख्यालय के पोस्ट आफिस के पोस्टमास्टर शिवपूजन चौहान ने बताया कि गुरुवार को पैसा आएगा। इसके बाद भी ग्राहकों में वितरण होगा। यही हाल अन्य तहसील क्षेत्रों का है। दर्जनों डाकघरों में आज तक लोगों को पैसा जमा करने के बाद वापस नहीं दिया गया है।
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बुधवार को बैंकों में पैसा पाने के लिए लोगों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ा। लोगों को उस समय निराशा हाथ लगी, जब उन्हें बैंकों की तरफ से ये बताया जा रहा था कि पैसा खत्म हो गया है। ऐसे लोग बैंक कर्मियों को कोसते हुए मायूस घर लौट जा रहे हैं। पीएम मोदी ने आठ नवंबर से 500 और 1000 के नोट पर प्रतिबंध लगा दिया। आठ दिन गुजरने के बाद भी शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। नोटों पर प्रतिबंध से सबसे ज्यादा परेशान गरीब तबके के लोग हैं। ऐसे लोगों के पास अगर 500 और 1000 का दो-चार नोट भी हैं, तो उनके लिए बोझ बन गया है। इन नोटों को दूकानदार भी नहीं ले रहे हैं। ऐसे में घर का खर्च चलाने के लिए लोग बैंक पहुंचकर जद्दोजहद कर रहे हैं। अपने पैसे के लिए घंटों बैंकों में धक्कामुक्की के बीच अपने बीच अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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जल्द पैसा मिल जाए, इसके लिए बैंक खुलने से पहले ही सैकड़ों ग्राहक पहुंचकर मुख्य गेट पर लाइन में खड़े हो जा रहे हैं। सुबह से ही बैंकों में पैसा के लिए ग्राहकों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। भीड़ की वजह से झल्लाहट में बैंककर्मी भी परेशान रहे। एक नजर डाकघरों पर डालें तो करंडा के गोशंदेपुर और करंडा सहित इलाके किसी भी डाकघर में अभी तक नोट नहीं दिये जा रहे हैं। यहां नोट बदलना तो दूर, डाककर्मी लोगों को केवल आश्वासन की घुट्टी पीला रहे हैं। जखनियां तहसील मुख्यालय के पोस्ट आफिस के पोस्टमास्टर शिवपूजन चौहान ने बताया कि गुरुवार को पैसा आएगा। इसके बाद भी ग्राहकों में वितरण होगा। यही हाल अन्य तहसील क्षेत्रों का है। दर्जनों डाकघरों में आज तक लोगों को पैसा जमा करने के बाद वापस नहीं दिया गया है।
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