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Ghazipur News: एसी और कार वाले खा रहे मुफ्त राशन, गरीब अनाज के लिए भटक रहे
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गाजीपुर। सरकार जरूरतमंदों को मुफ्त में राशन देती है लेकिन जनपद में गरीबों का अनाज अमीर उठा रहे हैं। ऐसे ही 16 हजार 742 लोगों की सूची शासन ने तैयार की है, जिनके घर कोई न कोई सदस्य आयकर दाता है, एसी और कार भी है। ऐसे परिवारों की सूची अब शासन ने जिला पूर्ति अधिकारी को भेजी है। जल्द ही सत्यापन के बाद इनका राशन कार्ड निरस्त किया जाएगा।
जिले में छह लाख 29 हजार 69 राशनकार्ड धारक हैं। इसमें 59537 अंत्योदय और पांच लाख 69 हजार 532 पात्र गृहस्थी के कार्डधारक हैं। अंत्योदय कार्डधारकों को 14 किग्रा गेहूं एवं 21 किलो चावल सहित कुल 35 किग्रा खाद्यान्न का वितरण किया जाता है। जबकि पात्र गृहस्थी के कार्डों पर दो किलो गेहूं एवं तीन किलो चावल प्रति यूनिट वितरित किया जाता है। इधर, एनआईसी की विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध विभिन्न विभागों के डाटा बेस को आपस में मिलान कराने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में हजारों की संख्या में ऐसे राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिसका कोई न कोई सदस्य आयकर दाता है। इसमें जिले में भी 16 हजार 742 ऐसे राशन कार्ड प्रचलित हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग की तरफ से अलग से ऐसे संभावित अपात्र हो चुके राशनकार्डों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है। सत्यापन के बाद राशनकार्ड की सूची से उन्हें हटाने का कार्य किया जाएगा।
जिले के ऐसे राशन कार्डधारकों, जिनके परिवार का कोई न कोई सदस्य आयकर दाता की श्रेणी में आ चुका है, स्वयं तहसील स्तरीय पूर्ति कार्यालय में संपर्क कर अपना राशनकार्ड समर्पित कर दें। परिवार में किसी सदस्य के आयकर दाता की श्रेणी में आने के बाद राशनकार्ड की पात्रता समाप्त हो जाती है। -अनंत प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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जिले में छह लाख 29 हजार 69 राशनकार्ड धारक हैं। इसमें 59537 अंत्योदय और पांच लाख 69 हजार 532 पात्र गृहस्थी के कार्डधारक हैं। अंत्योदय कार्डधारकों को 14 किग्रा गेहूं एवं 21 किलो चावल सहित कुल 35 किग्रा खाद्यान्न का वितरण किया जाता है। जबकि पात्र गृहस्थी के कार्डों पर दो किलो गेहूं एवं तीन किलो चावल प्रति यूनिट वितरित किया जाता है। इधर, एनआईसी की विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध विभिन्न विभागों के डाटा बेस को आपस में मिलान कराने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में हजारों की संख्या में ऐसे राशन कार्ड प्रचलित हैं, जिसका कोई न कोई सदस्य आयकर दाता है। इसमें जिले में भी 16 हजार 742 ऐसे राशन कार्ड प्रचलित हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग की तरफ से अलग से ऐसे संभावित अपात्र हो चुके राशनकार्डों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है। सत्यापन के बाद राशनकार्ड की सूची से उन्हें हटाने का कार्य किया जाएगा।
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जिले के ऐसे राशन कार्डधारकों, जिनके परिवार का कोई न कोई सदस्य आयकर दाता की श्रेणी में आ चुका है, स्वयं तहसील स्तरीय पूर्ति कार्यालय में संपर्क कर अपना राशनकार्ड समर्पित कर दें। परिवार में किसी सदस्य के आयकर दाता की श्रेणी में आने के बाद राशनकार्ड की पात्रता समाप्त हो जाती है। -अनंत प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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