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Ghazipur News: नहीं कोई ऐसा परिवार जिसके घर न हो कोई बुखार से बीमार
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-जिला अस्पताल में बेड पाने के लिए लाेगों को लगाना पड़ रहा है जुगाड़
-शहर में ही जगह-जगह पड़ा रह रहा है कूड़ा, समय से नहीं हो रहा उठान
-शहर में शकलेनाबाद, स्टेशन रोड़, पुलिस लाइन क्षेत्र हाॅट स्पॉट घोषित
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जनपद में इन दिनों मच्छर जनित रोगों से बीमार लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। वायरल फीवर,डेंगू और मलेरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि हर परिवार पर मच्छरों का वार जारी है। यही नहीं, डेंगू के डंक से रोजाना तीन-चार लोगों के बीमार होने की पुष्टि हो रही है। शहर में शायद ही कोई ऐसा परिवार है जिसका कोई न कोई सदस्य बुखार से न जूझ रहा हो । वहीं, शहर में जहां-तहां कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कई स्थानों पर तो ऐसा लगता है कि कूड़ों की उठान तक समय से नहीं होती है। इसकी वजह से रोग और बढ़ रहे हैं।
जिला अस्पताल के पांच वार्डों में 160 बेड हैं। हालत यह है की सभी बेड वायरल बुखार, डेंगू के लक्षण सहित मलेरिया से ग्रसित मरीजों से पटे पड़े हैं। रविवार को तक 90 मरीजों के डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इनमें से 82 ठीक भी हो गए हैं। लेकिन, जिला अस्पताल में हालत इसके ठीक विपरीत है। डेंगू वार्ड फुल है। जबकि अन्य वार्डों में भी स्थिति यह है कि बेड के लिए जुगाड़ लगाना पड़ रहा है। वहीं, बेड की कमी के चलते अब मरीजों को होम आइसोलेशन की भी नसीहत दी जा रही है।
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वहीं, देखा जाए तो हर किसी के परिवार में कोई न कोई बीमारी की चपेट में आ रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालात शकलेनाबाद, स्टेशन रोड़, पुलिस लाइन क्षेत्र की है। इन इलाकों को भी स्वास्थ्य विभाग ने हॉट स्पॉट घोषित कर दिया है। लेकिन, इसका लाभ नहीं लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
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डेंगू संक्रमण के प्रबंधन के लिए कुछ प्रमुख कदम
प्रारंभिक निदान: एनएस1 एंटीजन या पीसीआर जैसे रक्त परीक्षणों का उपयोग करके डेंगू का तुरंत निदान करें, खासकर यदि आप तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द और दाने जैसे लक्षणों का अनुभव करते हैं।
आराम और जलयोजन: भरपूर आराम करें और अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहें। इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) पिएं, क्योंकि डेंगू निर्जलीकरण का कारण बन सकता है।
दर्द और बुखार प्रबंधन: दर्द और बुखार के लिए एसिटामिनोफेन (पैरासिटामोल) का उपयोग करें, लेकिन इबुप्रोफेन जैसी गैर-स्टेरायडल विरोधी भड़काऊ दवाओं (एनएसएआईडी) से बचें, क्योंकि वे रक्तस्राव के जोखिम को खराब कर सकते हैं।
निगरानी: नियमित रूप से अपने प्लेटलेट काउंट और हेमाटोक्रिट स्तर की निगरानी करें। एक महत्वपूर्ण गिरावट गंभीर डेंगू (डेंगू रक्तस्रावी बुखार या डेंगू शॉक सिंड्रोम) का संकेत दे सकती है और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है।-
चिकित्सकीय सहायता लें: यदि आपको गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों से खून आना या सांस लेने में कठिनाई जैसे चेतावनी संकेतों का अनुभव होता है, तो तत्काल चिकित्सा देखभाल लें।
अस्पताल में भर्ती: गंभीर डेंगू मामलों में करीबी निगरानी और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है, जिसमें अंतःशिरा तरल पदार्थ, रक्त आधान और अन्य सहायक उपाय शामिल हो सकते हैं।
मच्छरों के काटने से बचें: वायरस को फैलने से रोकने के लिए मच्छरों के काटने को रोकें। मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करें, लंबी बाजू के कपड़े पहनें और यदि आवश्यक हो तो मच्छरदानी का उपयोग करें।
वेक्टर नियंत्रण: डेंगू के प्रकोप को रोकने के लिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नियंत्रित करने के सामुदायिक प्रयास महत्वपूर्ण हैं। जहां मच्छर पनपते हैं वहां जमा पानी हटा दें।
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रखे इन बातों का ध्यान
-पूरे आस्तीन के कपड़े पहनें।
-गमलों, क्यारियों की नियमित सफाई करें।
-पुराने टायरों में पानी न भरने दें।
- मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-पानी की टंकी ढक कर रखें।
-नालियों की सफाई रखें।
-सप्ताहिक अंतराल पर फ्रिज की ट्रे की सफाई करें।
-कूलर की हर सप्ताह सफाई करें।
-कचरेदानी को ढ़क कर रखें।
-- -- -- -- -
जनपद में डेंगू की अब तक 92 मामले पुष्ट हुए हैं। इनमें 82 ठीक हो गए हैं। जिला अस्पताल पर 25 बेड और सभी सीएचएसी पर पांच-पांच बेड की व्यवस्था है।
-डॉ. देश दीपक पाल, सीएमओ
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-शहर में ही जगह-जगह पड़ा रह रहा है कूड़ा, समय से नहीं हो रहा उठान
-शहर में शकलेनाबाद, स्टेशन रोड़, पुलिस लाइन क्षेत्र हाॅट स्पॉट घोषित
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जनपद में इन दिनों मच्छर जनित रोगों से बीमार लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। वायरल फीवर,डेंगू और मलेरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि हर परिवार पर मच्छरों का वार जारी है। यही नहीं, डेंगू के डंक से रोजाना तीन-चार लोगों के बीमार होने की पुष्टि हो रही है। शहर में शायद ही कोई ऐसा परिवार है जिसका कोई न कोई सदस्य बुखार से न जूझ रहा हो । वहीं, शहर में जहां-तहां कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कई स्थानों पर तो ऐसा लगता है कि कूड़ों की उठान तक समय से नहीं होती है। इसकी वजह से रोग और बढ़ रहे हैं।
जिला अस्पताल के पांच वार्डों में 160 बेड हैं। हालत यह है की सभी बेड वायरल बुखार, डेंगू के लक्षण सहित मलेरिया से ग्रसित मरीजों से पटे पड़े हैं। रविवार को तक 90 मरीजों के डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है।
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हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इनमें से 82 ठीक भी हो गए हैं। लेकिन, जिला अस्पताल में हालत इसके ठीक विपरीत है। डेंगू वार्ड फुल है। जबकि अन्य वार्डों में भी स्थिति यह है कि बेड के लिए जुगाड़ लगाना पड़ रहा है। वहीं, बेड की कमी के चलते अब मरीजों को होम आइसोलेशन की भी नसीहत दी जा रही है।
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वहीं, देखा जाए तो हर किसी के परिवार में कोई न कोई बीमारी की चपेट में आ रहा है। सबसे ज्यादा खराब हालात शकलेनाबाद, स्टेशन रोड़, पुलिस लाइन क्षेत्र की है। इन इलाकों को भी स्वास्थ्य विभाग ने हॉट स्पॉट घोषित कर दिया है। लेकिन, इसका लाभ नहीं लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
डेंगू संक्रमण के प्रबंधन के लिए कुछ प्रमुख कदम
प्रारंभिक निदान: एनएस1 एंटीजन या पीसीआर जैसे रक्त परीक्षणों का उपयोग करके डेंगू का तुरंत निदान करें, खासकर यदि आप तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द और दाने जैसे लक्षणों का अनुभव करते हैं।
आराम और जलयोजन: भरपूर आराम करें और अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहें। इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) पिएं, क्योंकि डेंगू निर्जलीकरण का कारण बन सकता है।
दर्द और बुखार प्रबंधन: दर्द और बुखार के लिए एसिटामिनोफेन (पैरासिटामोल) का उपयोग करें, लेकिन इबुप्रोफेन जैसी गैर-स्टेरायडल विरोधी भड़काऊ दवाओं (एनएसएआईडी) से बचें, क्योंकि वे रक्तस्राव के जोखिम को खराब कर सकते हैं।
निगरानी: नियमित रूप से अपने प्लेटलेट काउंट और हेमाटोक्रिट स्तर की निगरानी करें। एक महत्वपूर्ण गिरावट गंभीर डेंगू (डेंगू रक्तस्रावी बुखार या डेंगू शॉक सिंड्रोम) का संकेत दे सकती है और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है।-
चिकित्सकीय सहायता लें: यदि आपको गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों से खून आना या सांस लेने में कठिनाई जैसे चेतावनी संकेतों का अनुभव होता है, तो तत्काल चिकित्सा देखभाल लें।
अस्पताल में भर्ती: गंभीर डेंगू मामलों में करीबी निगरानी और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है, जिसमें अंतःशिरा तरल पदार्थ, रक्त आधान और अन्य सहायक उपाय शामिल हो सकते हैं।
मच्छरों के काटने से बचें: वायरस को फैलने से रोकने के लिए मच्छरों के काटने को रोकें। मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करें, लंबी बाजू के कपड़े पहनें और यदि आवश्यक हो तो मच्छरदानी का उपयोग करें।
वेक्टर नियंत्रण: डेंगू के प्रकोप को रोकने के लिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नियंत्रित करने के सामुदायिक प्रयास महत्वपूर्ण हैं। जहां मच्छर पनपते हैं वहां जमा पानी हटा दें।
रखे इन बातों का ध्यान
-पूरे आस्तीन के कपड़े पहनें।
-गमलों, क्यारियों की नियमित सफाई करें।
-पुराने टायरों में पानी न भरने दें।
- मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-पानी की टंकी ढक कर रखें।
-नालियों की सफाई रखें।
-सप्ताहिक अंतराल पर फ्रिज की ट्रे की सफाई करें।
-कूलर की हर सप्ताह सफाई करें।
-कचरेदानी को ढ़क कर रखें।
जनपद में डेंगू की अब तक 92 मामले पुष्ट हुए हैं। इनमें 82 ठीक हो गए हैं। जिला अस्पताल पर 25 बेड और सभी सीएचएसी पर पांच-पांच बेड की व्यवस्था है।
-डॉ. देश दीपक पाल, सीएमओ