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न दवा, न जांच सुविधा...पीएचसी पर सन्नाटा
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आम जन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला आयोजित हो रहा है लेकिन यह महज औपचारिकता बनकर रह गया है। हालत यह है कि पीएचसी पर जांच सुविधा एवं दवाओं के अभाव में मरीज बिना उपचार कराए ही लौट रहे हैं। रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बारा पर सन्नाटा पसरा रहा।
शासन ने हर रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन करने का आदेश दिया है। मेले में एलोपैथ, होमियोपैथ एवं आयुर्वेद के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की तरफ से मरीजों की जांच और इलाज किया जाना है। लेकिन बिहार राज्य की सीमा पर स्थित सीएचसी भदौरा सहित किसी भी पीएचसी पर जांच की कोई सुविधा नहीं है।
समुचित दवा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों की इन सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने को लेकर रुचि कम होती जा रही है। चिंता की बात तो यह है कि शासन स्तर से भी सीएचसी, पीएचसी में स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं किया जा रहा है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि क्षेत्रीय लोगों को विवश होकर उपचार के लिए निजी चिकित्सकों के पास जाना पड़ रहा है।
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भदौरा ब्लॉक क्षेत्र में सीएचसी के अलावा चार पीएचसी बारा, गहमर, देवल, दिलदारनगर स्थित हैं। सभी केंद्रों में चिकित्सकों के अभाव के साथ खून सहित अन्य कई जरूरी जांच भी नहीं होती है। दवाओं के नाम पर सर्दी, जुकाम, बुखार आदि की दवा ही मिलती है।
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शासन ने हर रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला का आयोजन करने का आदेश दिया है। मेले में एलोपैथ, होमियोपैथ एवं आयुर्वेद के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की तरफ से मरीजों की जांच और इलाज किया जाना है। लेकिन बिहार राज्य की सीमा पर स्थित सीएचसी भदौरा सहित किसी भी पीएचसी पर जांच की कोई सुविधा नहीं है।
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समुचित दवा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों की इन सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने को लेकर रुचि कम होती जा रही है। चिंता की बात तो यह है कि शासन स्तर से भी सीएचसी, पीएचसी में स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं किया जा रहा है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि क्षेत्रीय लोगों को विवश होकर उपचार के लिए निजी चिकित्सकों के पास जाना पड़ रहा है।
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भदौरा ब्लॉक क्षेत्र में सीएचसी के अलावा चार पीएचसी बारा, गहमर, देवल, दिलदारनगर स्थित हैं। सभी केंद्रों में चिकित्सकों के अभाव के साथ खून सहित अन्य कई जरूरी जांच भी नहीं होती है। दवाओं के नाम पर सर्दी, जुकाम, बुखार आदि की दवा ही मिलती है।