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लापता वृद्ध का शव अयोध्या मिला
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करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के बाराचवर निवासी चंद्रिका सिंह बीते 27 सितंबर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। उनका शव बीते 29 सितंबर को अयोध्या में मिला। जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग शव लाने के लिए ग्रामीणों संग रवाना हो गए।
बाराचवर गांव निवासी डाकघर से सेवानिवृत्त लिपिक चंद्रिका सिंह (78) का शव अयोध्या के हनुमान गढ़ी में कुएं से 29 सितंबर की देर शाम बरामद हुआ है। उनके पॉकेट से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराचवर की दवा की पर्ची मिली। उसी पर्ची ने उनकी पहचान बाराचवर निवासी चंद्रिका सिंह के रूप में हुई। वहीं पास के गांव खारा निवासी एक पुलिस कर्मी जिनकी तैनाती अयोध्या में है।
उन्होंने शव का फोटो और दवा की पर्ची मृतक के पुत्र बृजेश सिंह के मोबाइल पर भेजा तो परिजन रोने- बिलखने लगे। मालूम हो कि वृद्ध 27 सितंबर की दोपहर बाद घर से लापता हो गए थे। परिवार के लोग समझे की वह गांव में ही आयोजित किसी कार्यक्रम में गए होंगे, शाम तक वापस आ जाएंगे। देर शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को अनहोनी की आशंका होने लगी थी। परिजन खोजबीन में जुट गए थे, लेकिन वृद्ध का पता नहीं चल सका। शव लेने के लिए परिवार के लोग अयोध्या के लिए रवाना हो गए।
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बाराचवर गांव निवासी डाकघर से सेवानिवृत्त लिपिक चंद्रिका सिंह (78) का शव अयोध्या के हनुमान गढ़ी में कुएं से 29 सितंबर की देर शाम बरामद हुआ है। उनके पॉकेट से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराचवर की दवा की पर्ची मिली। उसी पर्ची ने उनकी पहचान बाराचवर निवासी चंद्रिका सिंह के रूप में हुई। वहीं पास के गांव खारा निवासी एक पुलिस कर्मी जिनकी तैनाती अयोध्या में है।
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उन्होंने शव का फोटो और दवा की पर्ची मृतक के पुत्र बृजेश सिंह के मोबाइल पर भेजा तो परिजन रोने- बिलखने लगे। मालूम हो कि वृद्ध 27 सितंबर की दोपहर बाद घर से लापता हो गए थे। परिवार के लोग समझे की वह गांव में ही आयोजित किसी कार्यक्रम में गए होंगे, शाम तक वापस आ जाएंगे। देर शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को अनहोनी की आशंका होने लगी थी। परिजन खोजबीन में जुट गए थे, लेकिन वृद्ध का पता नहीं चल सका। शव लेने के लिए परिवार के लोग अयोध्या के लिए रवाना हो गए।
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