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घंटों जाम ने बिगाड़ा बहुतों का काम
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Tue, 07 Jul 2015 12:06 AM IST
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तल्ख धूप और भीषण गर्मी के बीच सोमवार को शहर की प्रत्येक सड़क पर घंटों लगे जाम ने बहुत सारे लोगों का काम बिगाड़ दिया। दिन के 11 बजे से दो बजे तक जाम के दौरान वाहनों की लंबी कतार लगी रही। सड़क पर आड़े तिरछे चार
पहिया वाहनों के बीच दो पहिया वाहनों के चलते स्थिति यह थी कि पैदल भी निकल पाना मुश्किल था। जाम में कर्मचारी, छात्र, वादकारी समेत राहगीर फंसकर परेशान रहे। कई लोग तो दोपहर बाद दफ्तर पहुंचे जिससे काम प्रभावित
हुआ। वहीं बहुत से लोगों का विभिन्न विभागों में काम नहीं हो पाया। जाम छुड़ाने में शहर कोतवाली के अलावा नंदगंज और सुहवल की पुलिस को पसीने बहाने पड़े।
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शहर के महुआबाग, कचहरी रोड, लंका-विशेश्वरगंज, विशेश्वरगंज-चीतनाथ, सकलेनाबाद-माल गोदाम रोड, सकलेनाबाद-महुआबाग चौराहा मार्ग पर सुबह 11 बजे से ही जाम लग गया था। जाम के चलते पहले तो चारपहिया और दोपहिया वाहन
रेंगते रहे लेकिन कुछ देर बाद इसकी भी गुंजाइश नहीं रही। चारपहिया वाहनों के बीच दोपहिया वाहनों के घुसने के कारण वाहन जहां-तहां खड़े हो गए। कुछ ही समय में महुआबाग से कचहरी और दूसरी तरफ मिश्र बाजार तक वाहनों की कतार
लग गई। सकलेनाबाद से महुआबाग आने वाले मार्ग, लंका की भी यहीं स्थिति रही। जाम में स्कूली वैन, बसें और एंबुलेंस भी फंसी रही। जाम ऐसा था कि पूरे शहर में लोग जहां-तहां ठहर से गए। तल्ख धूप और गर्मी के चलते पसीने
से सराबोर हुए लोग वाहनों के हार्न की लगातार गूंज से तिलमिला से उठे। पैदल और साइकल वालों ने गलियों का सहारा लिया। जिले के विभिन्न ब्लाक क्षेत्रों से कचहरी आने वाले वादकारी, बैंक, सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी भी जहां तहां फंसे
रहे। बहुत से लोग तो अपने वाहनों को सहयोगियों के जिम्मे कर पैदल ही कार्यालय पहुंचे। एसपी के निर्देश पर शहर कोतवाली, नंदगंज और सुहवल की पुलिस जाम छुड़ाने के लिए पसीने बहाती रही। दो बजे से जाम छंटना शुरू हुआ। इसके चलते बहुत से लोग साढ़े तीन बजे विकास भवन पहुंचे जिससे उनका काम नहीं हुआ।
सोमवार की दोपहर स्कूलों की छुट्टियां होने के बाद स्कूली बसें और वैन जाम में तीन घंटे तक फंसी रहीं जिसके चलते स्कूली बच्चों को भूख-प्यास से व्याकुल होना पड़ा। भीषण गर्मी में घंटों जाम में फंसे बच्चे बाटल में बचे-खुचे पानी को भी पी गए। जिन बच्चों के बाटल में पानी नहीं था उन्हें प्यासे रहना पड़ गया।
सड़क के किनारे लग्जरी चारपहिया वाहनों और दो पहिया वाहनों के बेतरतीब खड़े होने के कारण जाम की समस्या पैदा हुई। शहर के मिश्र बाजार समेत अन्य स्थानों पर सफाई के बाद नालियों से निकाला गया कचरा भी निकाल कर सड़क
पटरियों पर रख दिया गया है। इसका निस्तारण न होने से सड़क सकरी हो गई है। कचरे से बचने के लिए लोग सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं। सड़क के किनारे लगे फल के ठेले भी इसका प्रमुख कारण हैं।
शहर के लंका रोड, मिश्र बाजार, सकलेनाबाद, महुआबाग, कचहरी रोड पर कई होटल, रेस्टोरेंट, लॉन, बड़ी-बड़ी कंपनियों के शो रूम, वाहनों की एजेंसियां, बैंकों, इंश्योरेंस, बीएसए कार्यालय, डाकघर समेत अन्य कार्यालय हैं। बावजूद इसके पार्किगिं
की व्यवस्था कहीं नहीं है। इसकी वजह से लोग अपने दोपहिया, चारपहिया वाहनों को सड़क पटरियों पर खड़ी कर देते हैं। इसको लेकर आए दिन दूकानदारों और वाहन स्वामियों में कहासुनी भी होती है। आए दिन लगने वाले जाम का एक यह
भी बड़ा कारण है। इसके बावजूद प्रशासन या नगर पालिका की ओर से पार्किगिं की दिशा में गंभीरता से विचार नहीं किया जाता है। न ही आड़े तिरछे खड़े वाहनों पर कार्रवाई की जाती है।
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पहिया वाहनों के बीच दो पहिया वाहनों के चलते स्थिति यह थी कि पैदल भी निकल पाना मुश्किल था। जाम में कर्मचारी, छात्र, वादकारी समेत राहगीर फंसकर परेशान रहे। कई लोग तो दोपहर बाद दफ्तर पहुंचे जिससे काम प्रभावित
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हुआ। वहीं बहुत से लोगों का विभिन्न विभागों में काम नहीं हो पाया। जाम छुड़ाने में शहर कोतवाली के अलावा नंदगंज और सुहवल की पुलिस को पसीने बहाने पड़े।
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शहर के महुआबाग, कचहरी रोड, लंका-विशेश्वरगंज, विशेश्वरगंज-चीतनाथ, सकलेनाबाद-माल गोदाम रोड, सकलेनाबाद-महुआबाग चौराहा मार्ग पर सुबह 11 बजे से ही जाम लग गया था। जाम के चलते पहले तो चारपहिया और दोपहिया वाहन
रेंगते रहे लेकिन कुछ देर बाद इसकी भी गुंजाइश नहीं रही। चारपहिया वाहनों के बीच दोपहिया वाहनों के घुसने के कारण वाहन जहां-तहां खड़े हो गए। कुछ ही समय में महुआबाग से कचहरी और दूसरी तरफ मिश्र बाजार तक वाहनों की कतार
लग गई। सकलेनाबाद से महुआबाग आने वाले मार्ग, लंका की भी यहीं स्थिति रही। जाम में स्कूली वैन, बसें और एंबुलेंस भी फंसी रही। जाम ऐसा था कि पूरे शहर में लोग जहां-तहां ठहर से गए। तल्ख धूप और गर्मी के चलते पसीने
से सराबोर हुए लोग वाहनों के हार्न की लगातार गूंज से तिलमिला से उठे। पैदल और साइकल वालों ने गलियों का सहारा लिया। जिले के विभिन्न ब्लाक क्षेत्रों से कचहरी आने वाले वादकारी, बैंक, सरकारी दफ्तरों के कर्मचारी भी जहां तहां फंसे
रहे। बहुत से लोग तो अपने वाहनों को सहयोगियों के जिम्मे कर पैदल ही कार्यालय पहुंचे। एसपी के निर्देश पर शहर कोतवाली, नंदगंज और सुहवल की पुलिस जाम छुड़ाने के लिए पसीने बहाती रही। दो बजे से जाम छंटना शुरू हुआ। इसके चलते बहुत से लोग साढ़े तीन बजे विकास भवन पहुंचे जिससे उनका काम नहीं हुआ।
सोमवार की दोपहर स्कूलों की छुट्टियां होने के बाद स्कूली बसें और वैन जाम में तीन घंटे तक फंसी रहीं जिसके चलते स्कूली बच्चों को भूख-प्यास से व्याकुल होना पड़ा। भीषण गर्मी में घंटों जाम में फंसे बच्चे बाटल में बचे-खुचे पानी को भी पी गए। जिन बच्चों के बाटल में पानी नहीं था उन्हें प्यासे रहना पड़ गया।
सड़क के किनारे लग्जरी चारपहिया वाहनों और दो पहिया वाहनों के बेतरतीब खड़े होने के कारण जाम की समस्या पैदा हुई। शहर के मिश्र बाजार समेत अन्य स्थानों पर सफाई के बाद नालियों से निकाला गया कचरा भी निकाल कर सड़क
पटरियों पर रख दिया गया है। इसका निस्तारण न होने से सड़क सकरी हो गई है। कचरे से बचने के लिए लोग सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं। सड़क के किनारे लगे फल के ठेले भी इसका प्रमुख कारण हैं।
शहर के लंका रोड, मिश्र बाजार, सकलेनाबाद, महुआबाग, कचहरी रोड पर कई होटल, रेस्टोरेंट, लॉन, बड़ी-बड़ी कंपनियों के शो रूम, वाहनों की एजेंसियां, बैंकों, इंश्योरेंस, बीएसए कार्यालय, डाकघर समेत अन्य कार्यालय हैं। बावजूद इसके पार्किगिं
की व्यवस्था कहीं नहीं है। इसकी वजह से लोग अपने दोपहिया, चारपहिया वाहनों को सड़क पटरियों पर खड़ी कर देते हैं। इसको लेकर आए दिन दूकानदारों और वाहन स्वामियों में कहासुनी भी होती है। आए दिन लगने वाले जाम का एक यह
भी बड़ा कारण है। इसके बावजूद प्रशासन या नगर पालिका की ओर से पार्किगिं की दिशा में गंभीरता से विचार नहीं किया जाता है। न ही आड़े तिरछे खड़े वाहनों पर कार्रवाई की जाती है।