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पोखरी में डूबकर अधेड़ की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 02 Nov 2016 10:37 PM IST
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थाना क्षेत्र के शिकारपुर निवासी एक अधेड़ का शव बुुधवार की सुबह उनके घर से कुछ दूरी पर स्थित पोखरी में उतराया मिला। मंगलवार की शाम वह घर से तालाब की तरफ निकले थे। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले, मामले की छानबीन शुरू कर दी।
शिकारपुर निवासी अनिरुद्ध बिंद (46) मंगलवार की शाम पोखरी की तरफ गए थे। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटे, तो परिवार के लोग उनकी खोजबीन करने लगे। उनका कहीं अता-पता न चलने पर परिवार वालों को उसकी चिंता सताने लगी। लोगों ने ग्रामवासियों से पूछने के साथ ही इधर-उधर अनिरुद्ध की तलाश शुरू कर दी, लेकिन उनका कहीं अता-पता नहीं चला।
बुधवार की सुबह गांव के पास स्थित पोखरी में एक शव उतराया देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना अनिरूद्ध के घर वालों को दी। यह खबर पूरे गांव में फैल गई और कुछ ही देर में मौके पर दर्जनों ग्रामीण एकत्र हो गए। जानकारी होते ही अनिरुद्ध की पत्नी इमरती देवी भी बच्चों के साथ मौके पर पहुंच गई। पति के शव पर नजर पड़ते ही वह विलाप करने लगी। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार के लोगों से मामले की जानकारी लेने के बाद लोगों की मदद से शव को बाहर निकलवा कर कब्जे में ले लिया। अनिरुद्ध रिक्शा चलाकर अपने और अपने परिवार का पेट भरता था। उनके तीन पुत्र तथा तीन पुत्रियां हैं।
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शिकारपुर निवासी अनिरुद्ध बिंद (46) मंगलवार की शाम पोखरी की तरफ गए थे। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटे, तो परिवार के लोग उनकी खोजबीन करने लगे। उनका कहीं अता-पता न चलने पर परिवार वालों को उसकी चिंता सताने लगी। लोगों ने ग्रामवासियों से पूछने के साथ ही इधर-उधर अनिरुद्ध की तलाश शुरू कर दी, लेकिन उनका कहीं अता-पता नहीं चला।
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बुधवार की सुबह गांव के पास स्थित पोखरी में एक शव उतराया देख ग्रामीणों ने इसकी सूचना अनिरूद्ध के घर वालों को दी। यह खबर पूरे गांव में फैल गई और कुछ ही देर में मौके पर दर्जनों ग्रामीण एकत्र हो गए। जानकारी होते ही अनिरुद्ध की पत्नी इमरती देवी भी बच्चों के साथ मौके पर पहुंच गई। पति के शव पर नजर पड़ते ही वह विलाप करने लगी। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार के लोगों से मामले की जानकारी लेने के बाद लोगों की मदद से शव को बाहर निकलवा कर कब्जे में ले लिया। अनिरुद्ध रिक्शा चलाकर अपने और अपने परिवार का पेट भरता था। उनके तीन पुत्र तथा तीन पुत्रियां हैं।
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