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Ghazipur News: गांवों को छोड़िए, जिला मुख्यालय पर भी रोस्टर के तहत बिजली नहीं

Fri, 02 Aug 2024 02:07 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 02 Aug 2024 02:07 AM IST
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Leave the villages, there is no electricity under the roster even at the district headquarters.
गाजीपुर। जनपद में रोस्टर के तहत बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। उमसभरी गर्मी में मनमानी अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। गांवों को छोड़िए जिला मुख्यालय कर पर फाल्ट के नाम पर जमकर कटौती की जा रही है। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में बिजली आपूर्ति की क्या स्थिति है।
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अघोषित बिजली कटौती से लोग आजिज आ चुके हैं। यही कारण है कि अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। लोग सड़क पर उतरकर अपनी नाराजगी को व्यक्त कर रहे हैं। पांच दिन पूर्व बिजली कटौती को लेकर भाजयुमो कार्यकर्ता जखनिया उपकेंद्र पर देर रात पहुंचे थे। उन्होंने प्रदर्शन किया था। आरोप था कि बिजली कटौती होने पर जब बिजली निगम के अभियंताओं को फोन किया जाता है तो वह या तो कॉल रिसीव नहीं करते हैं, अथवा उनका मोबाइल बंद मिलता है। इसी तरह बीते मंगलवार को सुहवल में ताड़ीघाट उपकेंद्र पर भाजपा तथा हिंदूवादी संगठनों के सदस्यों की ओर से प्रदर्शन किया गया था। जिला मुख्यालय पर 24 घंटे के बजाये 18 से 20 घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। बिजली निगम के प्रभारी अधीक्षण अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि फाल्ट होने पर बिजली कटौती होती है। वैसे यह सुनिश्चित किया जाता है कि रोस्टर के तहत बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो।
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केस नंबर एक - जखनिया तहसील मुख्यालय पर महज 10 से 12 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। जबकि तहसील मुख्यालय से जुड़े गांवों में बिजली आपूर्ति की स्थिति काफी लचर है। तिरछी, हरदासपुर कला, करुई, जखनिया गोविंद, जखनिया कौला, सेमऊर आदि गांवों में आठ से 10 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है।
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केस नंबर दो - सेवराई तहसील मुख्यालय पर 16 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। सुबह, दोपहर और रात हर समय कटौती की जा रही है। सेवराई, गोड़सरा, चितर का डेरा, बरेजी, मिश्रवलिया, बकसड़ा, हरिकेशपुर, देवल आदि गांवों में 12 से 14 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।
केस नंबर तीन - सैदपुर तहसील मुख्यालय पर 16 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। तहसील मुख्यालय से जुड़े डहरा कला, डहरा खुर्द, हसनपुर, रफीपुर, भद्रसेन, रावल, भटौला आदि गांवों में 12 घंटे से अधिक बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

ये है शासनादेश
ग्रामीण क्षेत्रों में 18, तहसील मुख्यालय 21.30 और जिला मुख्यालय पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति का शासनादेश है। लेकिन, हकीकत इसके ठीक विपरीत है। इतनी बिजली न तो ग्रामीण क्षेत्रों को मिल रही है और न ही जिला मुख्यालय को। बीते 30 जुलाई को बिजली निगम को उप्र पावर कारपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल की ओर से पत्र भेजा गया। पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर जिला मुख्यालय को आपूर्ति की जाने वाली बिजली को लेकर निर्धारित शासनादेश का जिक्र है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए निर्धारित कुल घंटों की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो।
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