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अदरा में पहले दिन जमकर बरसे बदरा, गर्मी से राहत
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 22 Jun 2016 11:47 PM IST
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अदरा में पहले दिन जमकर बरसे बदरा, गर्मी से राहत
जनपद में मानसून की आहट के साथ पहली बारिश खुशियों की सौगात लेकर आई। कल से कुछ घंटे तक मूसलाधार, फिर रुक-रुक कर हो रही बारिश की बौछार से तपती धरा तर बतर हो गई। अदरा नक्षत्र के प्रारंभ होने के साथ झमाझम बारिश से लोगों ने राहत की सांस ली। लंबे इंतजार के बाद अच्छी बरसात से किसानों की उम्मीदों को पंख लग गए हैं। खरीफ बुवाई के लिए खेतों में हल जोतने की तैयारी शुरू हो गई है। बारिश से कई इलाकों के सूखे तालाबों में पानी दिखने लगा है। सूख रहे पेड़-पौधों में जान लौट आई है।
बुधवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने से मौसम खुशगवार हो गया।
मंगलवार की दोपहर धूल भरी आंधी के बाद बारिश का दौर शुरू हुआ। कुछ ही देर की बारिश में सड़कें तर बतर हो गईं। कई जगह निचले हिस्सों में पानी लबालब भर गया। शाम को कुछ समय के लिए बारिश बंद हुई और फिर रुक-रुक कर होने लगी। यह सिलसिला दूसरे दिन बुधवार की दोपहर बाद तक चलता रहा। रात में हुई बरसात के बाद दूसरे दिन बुधवार को खाद-बीज की दूकानों पर किसानों की भीड़ देखी गई।
मौसम के बदलते तेवर से चिंतित किसान मानसून की पहली बरसात के बाद से काफी खुश नजर आ रहे हैं। अच्छी बरसात के बाद बुधवार की सुबह कुछ जगहों पर धरती पुत्र खेतों में धान की बुवाई में जुट गए हैं। इस बार मानसून प्रारंभ होते ही मूसलाधार बरसात के बाद क्षेत्र के किसानों को अच्छे पैदवार की आस है। सुबह पौ फटते ही किसान धान की नर्सरी का हाल जानने पहुंच गए। बुवाई के लिए कुछ किसान कल्टीवेटर, तवी और ट्रैक्टर को दुरस्त करवाते भी नजर आए। उधर तेज बारिश की वजह से कई मुख्य मार्गों पर भी जलजमाव हो गया है। नगर तथा कस्बे में भी मार्गों पर बरसाती पानी का भराव हो गया है।
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पूरे दिन चला लुका-छिप्पी का खेल...
गाजीपुर। काली घटाओं के साथ उमड़े बादलों से जब रिमझिम बौछारें पड़ीं, तो मौसम यकायक सुहाना हो गया। सूर्य को बदली ने दोपहर बाद तक अपने आंचल में छुपाए रखा। कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन पूरे दिन बादलों और सूरज के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा। पिछले कुछ दिनों से जनपद में सूर्य की तपिश ने बुरा हाल कर रखा था। जनपद का अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था। भीषण गर्मी में एसी, कूलर और पंखे तक जवाब देने लगे थे। मंगलवार को दोपहर बाद से बूंदाबांदी व बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद गर्मी ने अपने हाथ-पैर सिकोड़ लिए और लोगों को राहत मिली।
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बुधवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहने से मौसम खुशगवार हो गया।
मंगलवार की दोपहर धूल भरी आंधी के बाद बारिश का दौर शुरू हुआ। कुछ ही देर की बारिश में सड़कें तर बतर हो गईं। कई जगह निचले हिस्सों में पानी लबालब भर गया। शाम को कुछ समय के लिए बारिश बंद हुई और फिर रुक-रुक कर होने लगी। यह सिलसिला दूसरे दिन बुधवार की दोपहर बाद तक चलता रहा। रात में हुई बरसात के बाद दूसरे दिन बुधवार को खाद-बीज की दूकानों पर किसानों की भीड़ देखी गई।
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मौसम के बदलते तेवर से चिंतित किसान मानसून की पहली बरसात के बाद से काफी खुश नजर आ रहे हैं। अच्छी बरसात के बाद बुधवार की सुबह कुछ जगहों पर धरती पुत्र खेतों में धान की बुवाई में जुट गए हैं। इस बार मानसून प्रारंभ होते ही मूसलाधार बरसात के बाद क्षेत्र के किसानों को अच्छे पैदवार की आस है। सुबह पौ फटते ही किसान धान की नर्सरी का हाल जानने पहुंच गए। बुवाई के लिए कुछ किसान कल्टीवेटर, तवी और ट्रैक्टर को दुरस्त करवाते भी नजर आए। उधर तेज बारिश की वजह से कई मुख्य मार्गों पर भी जलजमाव हो गया है। नगर तथा कस्बे में भी मार्गों पर बरसाती पानी का भराव हो गया है।
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पूरे दिन चला लुका-छिप्पी का खेल...
गाजीपुर। काली घटाओं के साथ उमड़े बादलों से जब रिमझिम बौछारें पड़ीं, तो मौसम यकायक सुहाना हो गया। सूर्य को बदली ने दोपहर बाद तक अपने आंचल में छुपाए रखा। कुछ देर के लिए धूप निकली, लेकिन पूरे दिन बादलों और सूरज के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा। पिछले कुछ दिनों से जनपद में सूर्य की तपिश ने बुरा हाल कर रखा था। जनपद का अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था। भीषण गर्मी में एसी, कूलर और पंखे तक जवाब देने लगे थे। मंगलवार को दोपहर बाद से बूंदाबांदी व बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद गर्मी ने अपने हाथ-पैर सिकोड़ लिए और लोगों को राहत मिली।