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कई मुहल्लों में सिर पर दौड़ रही मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Tue, 08 Sep 2015 11:08 PM IST
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भले ही शहर के कई मुहल्लों में जर्जर बिजली के तारों को हटाकर एबीसी केबिल लगा दिया गया हो, लेकिन अभी भी कई मुहल्लों की सड़कों पर लोगों के सिर के ऊपर से मौत दौड़ रही है। बिजली के तार इस कदर जर्जर हैं कि यह कब टूटकर गिर जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता है। ऐसे तार बार-बार टूटकर गिरते भी है, जिससे एक तरफ जहां लोगों के जान पर खतरा बना रहता है, वहीं बिजली आपूर्ति में भी अवरोध उत्पन्न होता है। तारों को जोड़ने के नाम पर घंटों आपूर्ति बंद कर दी जाती है। मुहल्लेवासियों का कहना है कि विभाग अगर इन तारों को हटाकर एबीसी केबिल लगवा देता तो बार-बार तारों को टूटने और किसी दुर्घटना की संभावना हमेशा के लिए खत्म हो जाती।
शहर के विशेश्वरगंज मुहल्ले में गाजीपुर-वाराणसी मार्ग के ऊपर से गुजरा बिजली का तार पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। आलम यह है कि दस कदम की दूरी पर तारों में दस से लेकर बारह जोड़ हैं। तार कई जोड़ की वजह से तार पूरी तरह से ढीला हो गया, जिससे धीमी हवा चलने पर भी तारों को एक-दूसरे से सटने से शार्ट-सर्किट की खतरा बना हुआ है।
यहां पर महीने में पांच से दस बार तार टूटकर गिरता है। इत्तेफाक है कि अधिकांश रात में ही तार टूटता, जिस समय मार्ग पर आवागमन का दबाव नहीं होता है। इन खतरनाक तारों के नीचे से रोडवेज तथा प्राइवेट बसें यात्रियों को लेकर गुजरती हैं। अगर समय रहते विभाग ने इन खतरनाक तारों की सुधि नहीं ली तो किसी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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शहर के विशेश्वरगंज मुहल्ले में गाजीपुर-वाराणसी मार्ग के ऊपर से गुजरा बिजली का तार पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। आलम यह है कि दस कदम की दूरी पर तारों में दस से लेकर बारह जोड़ हैं। तार कई जोड़ की वजह से तार पूरी तरह से ढीला हो गया, जिससे धीमी हवा चलने पर भी तारों को एक-दूसरे से सटने से शार्ट-सर्किट की खतरा बना हुआ है।
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यहां पर महीने में पांच से दस बार तार टूटकर गिरता है। इत्तेफाक है कि अधिकांश रात में ही तार टूटता, जिस समय मार्ग पर आवागमन का दबाव नहीं होता है। इन खतरनाक तारों के नीचे से रोडवेज तथा प्राइवेट बसें यात्रियों को लेकर गुजरती हैं। अगर समय रहते विभाग ने इन खतरनाक तारों की सुधि नहीं ली तो किसी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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