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लाइन में बीता दिन, उलझते रहे
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Fri, 11 Nov 2016 11:42 PM IST
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एटीएम से दो हजार रुपये के निकले नोट दिखाता युवक।
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500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद शुक्रवार को भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक खुलते ही नोट जमा करने व बदलने को लेकर अफरा-तफरी का जो दौर शुरू हुआ वह पूरे दिन बना रहा। महुआ बाग चौराहे पर स्थित यूको बैंक, यूनियन बैंक, स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक, केनरा बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक आदि पर पूरे दिन लंबी लाइन लगी रही। लगभग सभी बैंकों एवं डाकघरों में रुपये जमा किए गए। निकासी सभी बैंक से चार हजार रुपये की हो रही थी। कुछ बैंक में रुपये जमा तो हुए, लेकिन कैश न होने तथा कर्मचारी की कमी के कारण रुपये बदले नहीं जा सके।
शुक्रवार सुबह ही बैंकों के बाहर 500 और हजार रुपये के नोटों को जमा करवाने और बदलने को लेकर भारी भीड़ जमा हो गई थी। बैंक और एटीएम के बाहर पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं। रमेश कुमार, आदित्य, सुनील, विजय कुमार आदि का कहना है वह सुबह लगभग आठ बजे बैंक अपने खातों में पैसे जमा करवाने के लिए आ गए थे। लीड बैंक के मैनेजर मिथिलेश कुमार का कहना है कि जो लोग पैसे निकलवाने के लिए आ रहे हैं, उन्हें दस हजार रुपये तक 100, 50 ,20 एवं 10 के नोट दिए जा रहे हैं। अधिकतर बैंकों में अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं।
नगर के कई हिस्सों में बैंक आने वाले लोगों ने बैंकों के बाहर वाहन खड़े कर दिए, जिससे जाम लगा रहा। बैंकों पर पुलिस की तैनाती की गई थी। लेकिन लोगों को संभालना मुश्किल था। केनरा बैंक में भी सुबह से लाइन लगाकर लोग पैसा जमा करने और निकालने के लिए बैठे हुए थे। सहबाजकुली निवासी जोगिंदर राम का कहना है कि उनके घर में शादी है। उन्हें 50 हजार रुपये की जरूरत थी, लेकिन काफी निहोरा करने के बाद किसी तरह दस हजार रुपये ही मिल पाए। रेवतीपुर निवासी राहुल कुमार को परीक्षा की फीस जमा करनी थी। उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी, लेकिन उन्हें भी जरूरत के हिसाब से बैंक पैसा नहीं दे पाया। राहुल को केवल चार हजार रुपये ही मिले। यही हाल प्रत्येक बैंकों में पहुंचने वाले हजारों पीड़ित व्यक्तियों का रहा।
शुक्रवार सुबह ही बैंकों के बाहर 500 और हजार रुपये के नोटों को जमा करवाने और बदलने को लेकर भारी भीड़ जमा हो गई थी। बैंक और एटीएम के बाहर पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं। रमेश कुमार, आदित्य, सुनील, विजय कुमार आदि का कहना है वह सुबह लगभग आठ बजे बैंक अपने खातों में पैसे जमा करवाने के लिए आ गए थे। लीड बैंक के मैनेजर मिथिलेश कुमार का कहना है कि जो लोग पैसे निकलवाने के लिए आ रहे हैं, उन्हें दस हजार रुपये तक 100, 50 ,20 एवं 10 के नोट दिए जा रहे हैं। अधिकतर बैंकों में अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं।
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नगर के कई हिस्सों में बैंक आने वाले लोगों ने बैंकों के बाहर वाहन खड़े कर दिए, जिससे जाम लगा रहा। बैंकों पर पुलिस की तैनाती की गई थी। लेकिन लोगों को संभालना मुश्किल था। केनरा बैंक में भी सुबह से लाइन लगाकर लोग पैसा जमा करने और निकालने के लिए बैठे हुए थे। सहबाजकुली निवासी जोगिंदर राम का कहना है कि उनके घर में शादी है। उन्हें 50 हजार रुपये की जरूरत थी, लेकिन काफी निहोरा करने के बाद किसी तरह दस हजार रुपये ही मिल पाए। रेवतीपुर निवासी राहुल कुमार को परीक्षा की फीस जमा करनी थी। उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी, लेकिन उन्हें भी जरूरत के हिसाब से बैंक पैसा नहीं दे पाया। राहुल को केवल चार हजार रुपये ही मिले। यही हाल प्रत्येक बैंकों में पहुंचने वाले हजारों पीड़ित व्यक्तियों का रहा।
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