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Ghazipur News: मौसम का मिला साथ तो धान की रोपाई पकड़ेगी रफ्तार
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गहमर। धान की रोपनी का समय अब आ गया है। किसान उम्मीदों के साथ तैयारियों में जुटे हैं। रोहिणी नक्षत्र में तैयार की गई धान की नर्सरी अब रोपनी के लायक हो चुकी है। इधर, मौसम का मिजाज भी बदला है और बीते कुछ दिनों से हल्की बारिश हो रही है।
लंबे इंतजार के बाद नहरों में भी पानी आ चुका है, जिससे खेतों में सिंचाई की संभावनाएं बेहतर हो गई हैं। किसान मुन्ना पांडेय, राजीव सिंह, सुनील सिंह, सुधीर सिंह, सियाराम यादव आदि का कहना है कि मौसम अनुकूल रहा और नहरों में लगातार पानी मिलता रहा तो धान की रोपनी का काम तेजी से होगा। इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद की जा सकती है।
मई में जब धान का बिचड़ा डाला गया था, तब नहरें सूखी थीं और सिंचाई पूरी तरह से भूगर्भ जल पर निर्भर थी। इसके बावजूद किसानों ने हिम्मत नहीं हारी और जैसे-तैसे धान की नर्सरी तैयार कर ली। अब जबकि आद्रा नक्षत्र का भी शुभारंभ हो चुका है, किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं।
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खेतों की जोताई, मेड़बंदी और समतलीकरण का काम तेजी से चल रहा है। किसानों की मानें तो अगर अगले कुछ दिनों तक बारिश अच्छी होती रही और नहरों का जलस्तर बना रहा तो धान की रोपनी गति पकड़ लेगी।
कृषि विभाग भी किसानों को समय पर सलाह और तकनीकी सहयोग देने में जुटा है। लघु डाल नहर गहमर के जेई सर्वेश कुमार ने बताया कि नहरों में पानी छोड़ दिया गया है। इससे किसानों को सहूलियत मिलेगी।
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लंबे इंतजार के बाद नहरों में भी पानी आ चुका है, जिससे खेतों में सिंचाई की संभावनाएं बेहतर हो गई हैं। किसान मुन्ना पांडेय, राजीव सिंह, सुनील सिंह, सुधीर सिंह, सियाराम यादव आदि का कहना है कि मौसम अनुकूल रहा और नहरों में लगातार पानी मिलता रहा तो धान की रोपनी का काम तेजी से होगा। इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद की जा सकती है।
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मई में जब धान का बिचड़ा डाला गया था, तब नहरें सूखी थीं और सिंचाई पूरी तरह से भूगर्भ जल पर निर्भर थी। इसके बावजूद किसानों ने हिम्मत नहीं हारी और जैसे-तैसे धान की नर्सरी तैयार कर ली। अब जबकि आद्रा नक्षत्र का भी शुभारंभ हो चुका है, किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं।
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खेतों की जोताई, मेड़बंदी और समतलीकरण का काम तेजी से चल रहा है। किसानों की मानें तो अगर अगले कुछ दिनों तक बारिश अच्छी होती रही और नहरों का जलस्तर बना रहा तो धान की रोपनी गति पकड़ लेगी।
कृषि विभाग भी किसानों को समय पर सलाह और तकनीकी सहयोग देने में जुटा है। लघु डाल नहर गहमर के जेई सर्वेश कुमार ने बताया कि नहरों में पानी छोड़ दिया गया है। इससे किसानों को सहूलियत मिलेगी।