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अगलगी में चार झोपड़ियां जलीं
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sun, 12 Apr 2015 10:52 PM IST
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अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे के भीतर आग लगने से चार झोपड़ियां जलकर राख हो गई। गृहस्थी का हजारों का सामान आग की भेंट चढ़ गया है। गहमर थाना क्षेत्र के महना गांव निवासी श्रीकिशुन कुशवाहा का परिवार रविवार की सुबह खेत में काम करने के लिए गया था। इसी दौरान करीब 10 बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई।
देखते ही देखते झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी। आग की लपटें देख गांव के लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। आनन-फानन में किसी तरह आग पर काबू पाया। अगलगी में दो झोपड़ियों में कपड़ा, बिस्तर, अनाज सहित गृहस्थी का हजारों का सामान जलकर नष्ट हो गया। उधर शनिवार की रात जमानिया कोतवाली क्षेत्र के कालनपुर गांव नई बस्ती निवासी तहसीलदार सिंह यादव की झोपड़ी में गोहरा से निकली चिंगारी ने आग का विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही पल में दो झोपड़ियों से आग की तेज लपटें उठने लगी।
जानकारी होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। काफी प्रयास के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ियों में रखा अनाज, बिस्तर, कपड़ा सहित अन्य जरूरत का सामान आग की भेंट चढ़ गया। आग में सब कुछ स्वाहा हो जाने के बाद पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
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देखते ही देखते झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी। आग की लपटें देख गांव के लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। आनन-फानन में किसी तरह आग पर काबू पाया। अगलगी में दो झोपड़ियों में कपड़ा, बिस्तर, अनाज सहित गृहस्थी का हजारों का सामान जलकर नष्ट हो गया। उधर शनिवार की रात जमानिया कोतवाली क्षेत्र के कालनपुर गांव नई बस्ती निवासी तहसीलदार सिंह यादव की झोपड़ी में गोहरा से निकली चिंगारी ने आग का विकराल रूप धारण कर लिया और कुछ ही पल में दो झोपड़ियों से आग की तेज लपटें उठने लगी।
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जानकारी होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। काफी प्रयास के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ियों में रखा अनाज, बिस्तर, कपड़ा सहित अन्य जरूरत का सामान आग की भेंट चढ़ गया। आग में सब कुछ स्वाहा हो जाने के बाद पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।
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