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हर-हर महादेव... से गूंज उठी लहुरी काशी
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sun, 24 Jul 2016 11:50 PM IST
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हर-हर महादेव... से गूंज उठी लहुरी काशी
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सावन के पहले सोमवार को देवाधिदेव का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को शहर में कांवरियों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद कांवर में जल भरकर महाहर धाम के लिए रवाना हुए। इस दौरान कांवरियों की तरफ से किए जा रहे हर-हर महादेव के उद्घोष से लहुरी काशी गूंज उठी। कांवरियों के आवागमन से विभिन्न मार्गों पर यातायात में हल्का अवरोध बना रहा।
पूरे सावन माह में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के कांवरिए रविवार को शहर में आते हैं। इसके बाद विभिन्न गंगा घाटों खासकर ददरीघाट से गंगा जल लेकर पदयात्रा करते हुए जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर मरदह स्थित महाहर धाम जाते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इसी क्रम में सावन के पहले सोमवार को बाबा का जलाभिषेक करने के लिए शहर में कांवरियों की भीड़ उमड़ी। दोपहर बाद से कांवरियों के आने का जो क्रम शुरु हो हुआ, वह देर रात तक जारी रहा।
विभिन्न साधनों से कांवरिए शहर में पहुंचे। पूजा सामग्रियों की दूकानों से पूजन सामग्री की खरीददारी करने के बाद खासकर ददरीघाट, चीतनाथ घाट, कलक्टर सहित अन्य घाटों पर पहुंचे। घाटों पर गंगा स्नान के बाद पूजन-अर्चन किया और कांवर में जल भरकर पैदल हर-हर महादेव का नारा लगाते हुए महाहर धाम के लिए रवाना हुए। कांवरियों की तरफ से बाबा नगरिया दूर जाना जरूर है, बोल बम आदि का जयघोष किए जाने से आस-पास का माहौल शिवमय बना रहा। भीड़ का आलम यह था कि जिधर भी नजर जा रही थी, उधर कांवरिएं ही दिखाई दे रहे थे।
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विभिन्न साधनों से भगवान भोलेनाथ के भक्त विभिन्न गंगा घाटों पर पहुंचे। घाटों पर भारी भीड़ के चलते मेले जैसी स्थिति बनी रही।
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पूरे सावन माह में शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र के कांवरिए रविवार को शहर में आते हैं। इसके बाद विभिन्न गंगा घाटों खासकर ददरीघाट से गंगा जल लेकर पदयात्रा करते हुए जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर मरदह स्थित महाहर धाम जाते हैं और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इसी क्रम में सावन के पहले सोमवार को बाबा का जलाभिषेक करने के लिए शहर में कांवरियों की भीड़ उमड़ी। दोपहर बाद से कांवरियों के आने का जो क्रम शुरु हो हुआ, वह देर रात तक जारी रहा।
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विभिन्न साधनों से कांवरिए शहर में पहुंचे। पूजा सामग्रियों की दूकानों से पूजन सामग्री की खरीददारी करने के बाद खासकर ददरीघाट, चीतनाथ घाट, कलक्टर सहित अन्य घाटों पर पहुंचे। घाटों पर गंगा स्नान के बाद पूजन-अर्चन किया और कांवर में जल भरकर पैदल हर-हर महादेव का नारा लगाते हुए महाहर धाम के लिए रवाना हुए। कांवरियों की तरफ से बाबा नगरिया दूर जाना जरूर है, बोल बम आदि का जयघोष किए जाने से आस-पास का माहौल शिवमय बना रहा। भीड़ का आलम यह था कि जिधर भी नजर जा रही थी, उधर कांवरिएं ही दिखाई दे रहे थे।
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विभिन्न साधनों से भगवान भोलेनाथ के भक्त विभिन्न गंगा घाटों पर पहुंचे। घाटों पर भारी भीड़ के चलते मेले जैसी स्थिति बनी रही।