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कठवा मोड़ पुल में पड़ी दरार
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Fri, 24 Jun 2016 11:32 PM IST
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पुल में दरार
राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को जोड़ने वाले कठवा मोड़ पुल के पश्चिमी छोर पर स्थित पहले पिलर में दोनों तरफ शुक्रवार की दोपहर अचानक दरार पड़ गई। इसके बाद वाहनों का आवागमन अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया। पुल के दोनों तरफ एसडीएम की देख-रेख में ईंट की दीवार खड़ी कर दी गई है। उधर पुल में दरार पड़ने की सूचना पर तत्काल जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री, पीडब्लूडी एक्सईएन लालजी राम, एसडीएम सदर एके सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मौके का जायजा लिया। शुक्रवार को पुल पर आवागमन बंद होने से पूरे दिन भारी व छोटे वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
आजादी के बाद 1959 में बेसो नदी पर बने इस पुल से रोजाना लगभग पांच हजार बड़े वाहन गुजरते हैं। पुल सालों पहले अपनी उम्र पूरी कर चुका था, लेकिन विभाग के जिम्मेदारों ने कभी इसकी जांच-पड़ताल की जरूरत नहीं समझी। अब तक यहां सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। यह पुल गाजीपुर से हाजीपुर तक जाने वाले एनएच-31 पर स्थित है। इस पर बराबर यातायात का दबाव बना रहता है। पुल में दरार पड़ने के बाद फिलहाल कोई विकल्प नहीं है। नया पुल कब बनेगा यह निश्चित नहीं है।
पुल बंद होने से न सिर्फ मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद के लोग प्रभावित होंगे, बल्कि बिहार सहित पूर्वोत्तर के वाहनों को भी इस हाइवे से गुजरने में नाहक दूरी और वक्त की बर्बादी झेलनी पड़ेगी। बड़े वाहनों को अब बिरनो के रास्ते गुजरना पड़ेगा।
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जिलाधिकारी संजय खत्री ने बताया कि खतरे के मद्देनजर पुल पर आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है और पुल के दोनों तरफ ईंट की दीवार खड़ी कर दी गई है। इसके फौरी विकल्प की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। वनवे करने की योजना है। साथ ही नए पुल के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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आजादी के बाद 1959 में बेसो नदी पर बने इस पुल से रोजाना लगभग पांच हजार बड़े वाहन गुजरते हैं। पुल सालों पहले अपनी उम्र पूरी कर चुका था, लेकिन विभाग के जिम्मेदारों ने कभी इसकी जांच-पड़ताल की जरूरत नहीं समझी। अब तक यहां सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। यह पुल गाजीपुर से हाजीपुर तक जाने वाले एनएच-31 पर स्थित है। इस पर बराबर यातायात का दबाव बना रहता है। पुल में दरार पड़ने के बाद फिलहाल कोई विकल्प नहीं है। नया पुल कब बनेगा यह निश्चित नहीं है।
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पुल बंद होने से न सिर्फ मुहम्मदाबाद, कासिमाबाद के लोग प्रभावित होंगे, बल्कि बिहार सहित पूर्वोत्तर के वाहनों को भी इस हाइवे से गुजरने में नाहक दूरी और वक्त की बर्बादी झेलनी पड़ेगी। बड़े वाहनों को अब बिरनो के रास्ते गुजरना पड़ेगा।
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जिलाधिकारी संजय खत्री ने बताया कि खतरे के मद्देनजर पुल पर आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है और पुल के दोनों तरफ ईंट की दीवार खड़ी कर दी गई है। इसके फौरी विकल्प की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। वनवे करने की योजना है। साथ ही नए पुल के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।