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घट रही गंगा, लेकिन अभी राहत नहीं
अमर उजाला ब्रयूराो, गाजीपुर
Updated Sat, 27 Aug 2016 11:14 PM IST
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मुहम्मदाबाद के लौवाडीह से पारो जाने वाली सड़क पर लगा बाढ़ के पानी में जाते ग्रामीण।
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शुक्रवार से मां गंगा ने जब अपनी लहरों को सिकोड़ना शुरू किया तब लोगों ने राहत की सांस ली। शनिवार को एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर तेजी से घटने लगा है। अब नदी का पानी लोगों के दरवाजे और सड़कों से धीरे-धीरे दूर हो रहा है। यह अपने स्थान की तरफ वापस लौट रही हैं। पानी घटने से जहां बाढ़ से प्रभावित लोगों की समस्याएं और बढ़ती नजर आ रही है। दर्जनों मार्ग अब भी बाढ़ में डूबे हुए हैं। कई स्कूल बंद हैं। पीछे कदम हटाती गांवों की लहरों ने कई इलाकों में कटान भी शुरू कर दिया है।
जलस्तर में कमी होने से कटान और तेज होने की आशंका है। शनिवार को भी बाढ़ प्रवाहित क्षेत्रों ने शासन द्वारा राहत सामग्री वितरण करने का कार्य जारी रहापिछले करीब एक माह से गंगा के जलस्तर में वृद्धि और घटाव का सिलसिला बना हुआ है, लेकिन 18 अगस्त से गंगा के जलस्तर में वृद्धि क्रम शुरू हो गया था। वह अब भी लगातार जारी है। गंगा खतरा के निशान से पार हो 2013 में आई बाढ़ 65.020 का रिकार्ड तोड़ते हुए 65.040 पर पहुंच गई थी। शहर के स्टीमरघाट, झुन्नूलाल चौराहा, शास्त्रीनगर, बंधवा, नवाबगंज, तुलसियाका पुल, झंडातर, ददरीघाट आदि मुहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे लोगों को जीवन प्रभावित हो गया है।
गुरुवार को गंगा के ठहरने पर लोगों ने राहत की सास ली थी। इसी क्रम शनिवार से घटाव का क्रम जारी हो गया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी हसनैन ने बताया कि शऱ्निवार से एक सेंटी मीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में कमी होसने लगी। दिन में एक बजे 64.900 जलस्तर दर्ज किया गया। जमानिया संवाददाता के अनुसार गंगा के पानी से हरपुर बाढ़, मथारे, ताजपुर, शब्लपुर कला, चितावन पट्टी, राघोपुर, मतसा, देवरिया, पाह सैय्यदराजा, मंझरिया, जगदीशपुर, जीवपुर आबिद गांव जबकि कर्मनाशा में आई बाढ़ से गायघाट, कर्महरी, कुतुबपुर, धुस्का, केसरुवा बिंद बस्ती, पियरी मुसहर बस्ती, रोहुड़ा, भतौरा खुर्द आदि गांव घिरे हैं।
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दुबिहा संवाददाता के अनुसार करइल के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है, जिससे जरूरत की चीजें भी नहीं मिल पा रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार लोगों को हो रही है। वसनिया, सोनवानी, सरदरपुर, महेंद, देउरीया, गोड़उर, जगदीशपुर, साहपुर, बलियरीया, गांव चारों तरफ पानी से घिरे हुए हैं। किसानों द्वारा बोई गई खरीफ की फसल धान, अरहर, बाजरा, ज्वार तथा मिर्ची की फसल पानी में डूब जाने से बर्बाद हो गई है। मुख्य सड़क से सियाडी गांव को जोड़ने बाली सड़क पर पांच से छह फीट पानी बह रहा है। लठ्ठूडीह-कोटवा मार्ग की कनुवान के सामने वाली पुलिया जो की दर्जनों गांवों को जोड़ती है, टूट गयीं है। सियाडी गांव के ग्राम प्रधान शिवकुमार राय ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा की बाढ़ से घिरे गांव में लापरवाही बरती जा रही है।
गहमर/दुबिहाः भाजपा नेत्री एवं पार्टी जिला मंत्री सुनीता सिंह ने बाढ़ की विभीषिका के झेल रहे कुतुबपुर, बारा, बघोता, दलपतपुर आदि गांवो के पीड़ितों को राहत समाग्री की उपलब्ध कराने की मांग जिलाधिकारी से की है। बाढ़ प्रभावित क्षेंत्रो में भोजन-पानी, मोमबत्ती, तिरपाल आदि राहत समाग्री बांटने के बाद लौटकर आने पर बताया कि बाढ़ से जनता परेशान हैं। भाजपा नेत्री और भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य बाउल सिंह मुन्ना ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचने की मांग की है। राहत सामग्री वितरण के समय डा. कमरुदीन, श्रीराम यादव, शिवानंद पांडेय, राजेश सिह, रजिन्द्र, सुनील सिह, सुजीत सिंह, रजेशर सिंह आदि मौजूद रहे। ।
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जलस्तर में कमी होने से कटान और तेज होने की आशंका है। शनिवार को भी बाढ़ प्रवाहित क्षेत्रों ने शासन द्वारा राहत सामग्री वितरण करने का कार्य जारी रहापिछले करीब एक माह से गंगा के जलस्तर में वृद्धि और घटाव का सिलसिला बना हुआ है, लेकिन 18 अगस्त से गंगा के जलस्तर में वृद्धि क्रम शुरू हो गया था। वह अब भी लगातार जारी है। गंगा खतरा के निशान से पार हो 2013 में आई बाढ़ 65.020 का रिकार्ड तोड़ते हुए 65.040 पर पहुंच गई थी। शहर के स्टीमरघाट, झुन्नूलाल चौराहा, शास्त्रीनगर, बंधवा, नवाबगंज, तुलसियाका पुल, झंडातर, ददरीघाट आदि मुहल्लों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे लोगों को जीवन प्रभावित हो गया है।
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गुरुवार को गंगा के ठहरने पर लोगों ने राहत की सास ली थी। इसी क्रम शनिवार से घटाव का क्रम जारी हो गया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी हसनैन ने बताया कि शऱ्निवार से एक सेंटी मीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में कमी होसने लगी। दिन में एक बजे 64.900 जलस्तर दर्ज किया गया। जमानिया संवाददाता के अनुसार गंगा के पानी से हरपुर बाढ़, मथारे, ताजपुर, शब्लपुर कला, चितावन पट्टी, राघोपुर, मतसा, देवरिया, पाह सैय्यदराजा, मंझरिया, जगदीशपुर, जीवपुर आबिद गांव जबकि कर्मनाशा में आई बाढ़ से गायघाट, कर्महरी, कुतुबपुर, धुस्का, केसरुवा बिंद बस्ती, पियरी मुसहर बस्ती, रोहुड़ा, भतौरा खुर्द आदि गांव घिरे हैं।
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दुबिहा संवाददाता के अनुसार करइल के कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है, जिससे जरूरत की चीजें भी नहीं मिल पा रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बीमार लोगों को हो रही है। वसनिया, सोनवानी, सरदरपुर, महेंद, देउरीया, गोड़उर, जगदीशपुर, साहपुर, बलियरीया, गांव चारों तरफ पानी से घिरे हुए हैं। किसानों द्वारा बोई गई खरीफ की फसल धान, अरहर, बाजरा, ज्वार तथा मिर्ची की फसल पानी में डूब जाने से बर्बाद हो गई है। मुख्य सड़क से सियाडी गांव को जोड़ने बाली सड़क पर पांच से छह फीट पानी बह रहा है। लठ्ठूडीह-कोटवा मार्ग की कनुवान के सामने वाली पुलिया जो की दर्जनों गांवों को जोड़ती है, टूट गयीं है। सियाडी गांव के ग्राम प्रधान शिवकुमार राय ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा की बाढ़ से घिरे गांव में लापरवाही बरती जा रही है।
गहमर/दुबिहाः भाजपा नेत्री एवं पार्टी जिला मंत्री सुनीता सिंह ने बाढ़ की विभीषिका के झेल रहे कुतुबपुर, बारा, बघोता, दलपतपुर आदि गांवो के पीड़ितों को राहत समाग्री की उपलब्ध कराने की मांग जिलाधिकारी से की है। बाढ़ प्रभावित क्षेंत्रो में भोजन-पानी, मोमबत्ती, तिरपाल आदि राहत समाग्री बांटने के बाद लौटकर आने पर बताया कि बाढ़ से जनता परेशान हैं। भाजपा नेत्री और भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य बाउल सिंह मुन्ना ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचने की मांग की है। राहत सामग्री वितरण के समय डा. कमरुदीन, श्रीराम यादव, शिवानंद पांडेय, राजेश सिह, रजिन्द्र, सुनील सिह, सुजीत सिंह, रजेशर सिंह आदि मौजूद रहे। ।