गाजीपुर। भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर भडेवर के मस्तीपुर मोहल्ले में अलाव की चिंगारी से झोपड़ी में आग लगने से एक बच्ची की झुलसकर मौत हो गई। मां ने दूसरी झोपड़ी में सो रहे बेटे और दो बेटियों को जगाकर बाहर निकाला। लपटों ने दूसरी झोपड़ी को भी अपनी चपेट में ले लिया। झुलसने से 10 बकरियों की मौत हो गई, वहीं गृहस्थी का सारा सामान जलकर खाक हो गया। पुलिस के मुताबिक भोर में अलाव जलाकर पति-पत्नी नित्यक्रिया के लिए बाहर चले गए थे। प्रमोद पासी का घर गांव के एक छोर पर सिवान की तरफ है। रोजाना की तरह पत्नी कौशल्या भोर में उठी और अलाव जलाई। पति-पत्नी अलाव तापने के बाद नित्यक्रिया के लिए निकल गए। इधर अलाव से निकली चिंगारी से सरपत से बनीं झोपड़ी में आग गई। देखते ही देखते झोपड़ी आग का शोला बन गई। लपटें देखकर चीखते-चिल्लाते कौशल्या जब तक पहुंची झोपड़ी के अंदर सो रही बेटी वर्षा (11) जिंदा जल गई। उसने दूसरी झोपड़ी में सो रहे बेटे मोहित (25), बेटी मनीषा (16) और छोटी बेटी रागिनी (8) को जगाकर जब तक बाहर निकाला, वो झोपड़ी भी आग की चपेट में आ गई। आग से पहली झोपड़ी में बंधी दस बकरियां भी झुलसकर मर गईं और गृहस्थी का सामान जल गया। घटना की जानकारी मिलने पर उप जिलाधिकारी रवीश गुप्ता, सीओ चोब सिंह, तहसीलदार लालजी विश्वकर्मा, नायब तहसीलदार राजीव रंजन आदि मौके पर पहुंचे। कोतवाल तारावती यादव ने कहा कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रशासन की तरफ से पीड़ित को अनाज, कंबल आदि की व्यवस्था करके दी गई। साथ ही शासन से मुआवजा दिलाया जाएगा।