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किसानों का गुस्सा फूटा जमकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Wed, 01 Feb 2017 12:10 AM IST
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सेवराई के साधन सहकारी समिति गोडसरा के क्रय केंद्र पर प्रदर्शन करते किसान।
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तहसील मुख्यालय स्थित साधन सहकारी समिति गोड़सरा पर धान क्रय में हो रही देरी और सरकारी तौल में गड़बड़ी को लेकर किसानों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। उन्होंने एसएमआई के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।तहसील मुख्यालय स्थित साधन सहकारी समिति गोड़सरा पर विभिन्न गांव के सैकड़ों किसानों का धान नंबर सिस्टम के जरिए क्रय किया जा रहा था। उसी दौरान किसानों ने धान क्रय न होने और बांट माप में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए एसएमआई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे।
सेवराई गांव निवासी रामनारायण कुशवाहा, रविंद्र कुमार सिंह, भीम कुशवाहा, विश्वनाथ कुशवाहा, रामदेव यादव, हरिमल, डॉ वशिष्ठ सिंह, संजय सिंह आदि किसानों ने बताया कि पूर्व में किसानों से प्राइवेट में बांट माप के जरिए धान की खरीदारी होती थी जिसमें प्रति बोरी 600 ग्राम बोरी का वजन काटा जाता था लेकिन अब सरकारी बांट माप से धान की खरीदारी हो रही हैं। पूर्व में तौले गए धान से दो किग्रा से लेकर ढाई किग्रा तक प्रति बोरी अधिक लिया जा रहा है जिससे किसानों को प्रति क्विंटल 5 से 7 किलोग्राम धान अतिरिक्त तौलना पड़ रहा है। किसान अंजनी कुशवाहा, भास्कर सिंह ने बताया कि नंबर आने के बाद भी संबंधित अधिकारी तौल में हीलाहवाली कर रहे हैं।
बेवजह किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कई किसानों का धान क्रय का नंबर होने और मजदूरों के खाली होने के बावजूद एसएमआई आवश्यक कार्य का बहाना बना मौके से फरार हो गए जिससे आक्रोशित किसानों ने क्रय केंद्र पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस बाबत एसएमआई शिवप्रकाश भारती ने बताया कि बैंक के एक जरूरी काम से वह बाहर हैं आते ही तौल शुरू करवाएंगे। बांट माप में कमी के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जांच करवा ली जाएगी। अगर कमी पाई जाती है तो दूसरे माप से धान क्रय करवाया जाएगा।
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सेवराई गांव निवासी रामनारायण कुशवाहा, रविंद्र कुमार सिंह, भीम कुशवाहा, विश्वनाथ कुशवाहा, रामदेव यादव, हरिमल, डॉ वशिष्ठ सिंह, संजय सिंह आदि किसानों ने बताया कि पूर्व में किसानों से प्राइवेट में बांट माप के जरिए धान की खरीदारी होती थी जिसमें प्रति बोरी 600 ग्राम बोरी का वजन काटा जाता था लेकिन अब सरकारी बांट माप से धान की खरीदारी हो रही हैं। पूर्व में तौले गए धान से दो किग्रा से लेकर ढाई किग्रा तक प्रति बोरी अधिक लिया जा रहा है जिससे किसानों को प्रति क्विंटल 5 से 7 किलोग्राम धान अतिरिक्त तौलना पड़ रहा है। किसान अंजनी कुशवाहा, भास्कर सिंह ने बताया कि नंबर आने के बाद भी संबंधित अधिकारी तौल में हीलाहवाली कर रहे हैं।
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बेवजह किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कई किसानों का धान क्रय का नंबर होने और मजदूरों के खाली होने के बावजूद एसएमआई आवश्यक कार्य का बहाना बना मौके से फरार हो गए जिससे आक्रोशित किसानों ने क्रय केंद्र पर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस बाबत एसएमआई शिवप्रकाश भारती ने बताया कि बैंक के एक जरूरी काम से वह बाहर हैं आते ही तौल शुरू करवाएंगे। बांट माप में कमी के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि जांच करवा ली जाएगी। अगर कमी पाई जाती है तो दूसरे माप से धान क्रय करवाया जाएगा।
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