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जिला जेल की दीवार फांद भागा विचाराधीन बंदी
ghazipur
Updated Thu, 11 Jun 2015 11:43 PM IST
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जालसाजी के मामले में बंद विचाराधीन बंदी आलोक राम गुरुवार की शाम करीब सात बजे जिला जेल की दीवार फांद कर भाग गया। वह सैदपुर के भीमापार का निवासी था। 2014 से वह जेल में था। उसके साथ तीन अन्य
बंदियों ने भी जेल से भागने का प्रयास किया था जिन्हेें बंदी रक्षकों ने पकड़ लिया। बंदी की फरारी की सूचना पर पुलिस बल के साथ जेल पहुंचे एसपी ने करीब रात साढ़े आठ बजे तक जेल का निरीक्षण किया और बंदियों की
गिनती कराई। फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। सैदपुर क्षेत्र के भीमापार गांव निवासी चंद्रिका राम का पुत्र आलोक राम 2014 जालसाजी के एक मामले में जेल में निरुद्ध था। उसके साथ उसी
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के बैरक में आगरा के सैमा थाना क्षेत्र के लालू खेड़ा गांव निवासी पशु तस्करी का आरोप रवींद्र पुत्र रामप्रसाद, सैदपुर के जगदीशपुर गांव निवासी संतोष पुत्र सुभाष राम और कानपुर के जौरा नवाबगंज निवासी छोटू पुत्र
रामचंद्र भी बंद था। संतोष पास्को एक्ट और छोटू शांतिभंग का आरोपी है। छोटू खानपुर के अनौनी में अपने मौसी के यहां रहता था। वहीं मारपीट के मामले में पकड़ा गया था। गुरुवार को छोटू रिहा होने वाला था। पुलिस अधीक्षक
वैभव कृष्ण का कहना है कि चारों बंदी एक बांस के सहारे जेल की दीवार पर चढ़ रहे थे। सबसे पहले आलोक दीवार फांद कर भाग गया। अन्य दूसरा बंदी जैसे ही बांस पर चढ़ना शुरू किया, उसी दौरान बंदी रक्षकों ने उसे देख लिया।
सभी बंदीरक्षकों ने दौड़ा कर संतोष, रवींद्र और छोटू को पकड़ लिया। बंदी रक्षकों के सक्रिय होने के पहले आलोक राम भाग चुका था। यह घटना शाम करीब सात बजे अंधेरा होते ही हुई।
बंदी के भागने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनिल सिंह के साथ करंडा, जंगीपुर, शहर कोतवाली, सीओ वेदप्रकाश सिंह जेल पहुंच गए। जेल में पहुंचते ही एसपी ने जेल में बंदियों की गिनती कराई।
जिला जेल से गुरुवार शाम दीवार फांद कर भागे बंदी की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है। जालसाजी का आरोपी भीमापार निवासी आलोक राम एक साल से जेल में बंद था। पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
जिला जेल से बंदी आलोक राम के फरार होने की जानकारी मिलते ही वायरलेस सेट से सूचना प्रसारित हो गई। जिले के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया। जानकारी होते ही सभी थानों की पुलिस ने सड़कों पर वाहन
चेकिंग शुरू कर दी लेकिन देर रात तक कोई सफलता नहीं मिली थी। पुलिस ने प्रमुख चौराहों समेत जीटी रोड पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की चेकिंग की।
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बंदियों ने भी जेल से भागने का प्रयास किया था जिन्हेें बंदी रक्षकों ने पकड़ लिया। बंदी की फरारी की सूचना पर पुलिस बल के साथ जेल पहुंचे एसपी ने करीब रात साढ़े आठ बजे तक जेल का निरीक्षण किया और बंदियों की
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गिनती कराई। फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। सैदपुर क्षेत्र के भीमापार गांव निवासी चंद्रिका राम का पुत्र आलोक राम 2014 जालसाजी के एक मामले में जेल में निरुद्ध था। उसके साथ उसी
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के बैरक में आगरा के सैमा थाना क्षेत्र के लालू खेड़ा गांव निवासी पशु तस्करी का आरोप रवींद्र पुत्र रामप्रसाद, सैदपुर के जगदीशपुर गांव निवासी संतोष पुत्र सुभाष राम और कानपुर के जौरा नवाबगंज निवासी छोटू पुत्र
रामचंद्र भी बंद था। संतोष पास्को एक्ट और छोटू शांतिभंग का आरोपी है। छोटू खानपुर के अनौनी में अपने मौसी के यहां रहता था। वहीं मारपीट के मामले में पकड़ा गया था। गुरुवार को छोटू रिहा होने वाला था। पुलिस अधीक्षक
वैभव कृष्ण का कहना है कि चारों बंदी एक बांस के सहारे जेल की दीवार पर चढ़ रहे थे। सबसे पहले आलोक दीवार फांद कर भाग गया। अन्य दूसरा बंदी जैसे ही बांस पर चढ़ना शुरू किया, उसी दौरान बंदी रक्षकों ने उसे देख लिया।
सभी बंदीरक्षकों ने दौड़ा कर संतोष, रवींद्र और छोटू को पकड़ लिया। बंदी रक्षकों के सक्रिय होने के पहले आलोक राम भाग चुका था। यह घटना शाम करीब सात बजे अंधेरा होते ही हुई।
बंदी के भागने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अनिल सिंह के साथ करंडा, जंगीपुर, शहर कोतवाली, सीओ वेदप्रकाश सिंह जेल पहुंच गए। जेल में पहुंचते ही एसपी ने जेल में बंदियों की गिनती कराई।
जिला जेल से गुरुवार शाम दीवार फांद कर भागे बंदी की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है। जालसाजी का आरोपी भीमापार निवासी आलोक राम एक साल से जेल में बंद था। पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्ण ने बताया कि फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
जिला जेल से बंदी आलोक राम के फरार होने की जानकारी मिलते ही वायरलेस सेट से सूचना प्रसारित हो गई। जिले के सभी थानों को अलर्ट कर दिया गया। जानकारी होते ही सभी थानों की पुलिस ने सड़कों पर वाहन
चेकिंग शुरू कर दी लेकिन देर रात तक कोई सफलता नहीं मिली थी। पुलिस ने प्रमुख चौराहों समेत जीटी रोड पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की चेकिंग की।