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Ghazipur News: 10 अगस्त से खिलाई जाएगी कृमि रोधी दवा
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गाजीपुर। जिले में 10 अगस्त से स्वास्थ्य विभाग की ओर से कृमि रोधी दवा खिलाई जाएगी। एक से 19 वर्ष तक के सभी बच्चों को दवा का सेवन कराया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए बाधक शरीर के अंदर निवास करने वाले कृमियों के खात्मे के लिए कृमि रोधी दवा एल्बेंडाजोल की एक खुराक का सेवन जरूरी है। इसके अलावा छूटे हुए बच्चों को 14 अगस्त को मापअप में दवा खिलाने का काम होगा।
सीएमओ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा एवं अन्य सामग्रियां उपलब्ध करा दी गई हैं। एसीएमओ डॉ. एमके सिंह ने बताया कि एक से छह वर्ष तक के बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों पर, छह से 14 वर्ष तक के बच्चे प्राथमिक विद्यालयों एवं मदरसों और उससे अधिक उम्र के बच्चों को हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों पर दवा खिलाई जाएगी। जो बच्चे उपरोक्त संस्थानों में पंजीकृत नहीं है, उन्हें आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। प्राथमिक विद्यालयों, मदरसों एवं हाईस्कूलों की मैपिंग की जा रही है, ताकि उनकी संख्या के सापेक्ष दवा उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा बाल सुधार गृह एवं किशोर संप्रेक्षण गृह में रहने वाले बच्चों को दवा जिला प्रोबेशन अधिकारी के माध्यम से खिलाई जाएगी। सभी विकास खंडों पर ब्लॉक समन्वय समिति और ब्लॉक ओरियंटेशन बैठक आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम के दो दिन पूर्व ही सभी उपकेंद्रों पर आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक कर दवा और अन्य सामग्रियां उपलब्ध करा दी जाएंगी। दवा के प्रतिकूल प्रभावों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रत्येक ब्लॉक पर रैपिड रिस्पांस टीम तैनात रहेगी।
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सीएमओ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा एवं अन्य सामग्रियां उपलब्ध करा दी गई हैं। एसीएमओ डॉ. एमके सिंह ने बताया कि एक से छह वर्ष तक के बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों पर, छह से 14 वर्ष तक के बच्चे प्राथमिक विद्यालयों एवं मदरसों और उससे अधिक उम्र के बच्चों को हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों पर दवा खिलाई जाएगी। जो बच्चे उपरोक्त संस्थानों में पंजीकृत नहीं है, उन्हें आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी। प्राथमिक विद्यालयों, मदरसों एवं हाईस्कूलों की मैपिंग की जा रही है, ताकि उनकी संख्या के सापेक्ष दवा उपलब्ध कराई जा सके। इसके अलावा बाल सुधार गृह एवं किशोर संप्रेक्षण गृह में रहने वाले बच्चों को दवा जिला प्रोबेशन अधिकारी के माध्यम से खिलाई जाएगी। सभी विकास खंडों पर ब्लॉक समन्वय समिति और ब्लॉक ओरियंटेशन बैठक आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम के दो दिन पूर्व ही सभी उपकेंद्रों पर आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक कर दवा और अन्य सामग्रियां उपलब्ध करा दी जाएंगी। दवा के प्रतिकूल प्रभावों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रत्येक ब्लॉक पर रैपिड रिस्पांस टीम तैनात रहेगी।
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