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देवी का मनभावन रूप देख भक्त निहाल
ब्यूरो/अमर उजाला गाजीपुर
Updated Mon, 19 Oct 2015 11:56 PM IST
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शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सप्तमी से दुर्गा पूजा की धूम शुरू हो गई। जगह-जगह बनाए गए आकर्षक तथा भव्य पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पंडाल में स्थापित प्रतिमाओं के पट विधिवत हवन-पूजन के बाद सोमवार की शाम खोल दिए गए।
रात में मां का दर्शन के लिए पंडालों के पास भक्तों की भीड़ उमड़ी। मां की आरती के दौरान वातावरण पूरी तरह से देवीमय हो गया। सोमवार से शुरू हुए पूजा-आरती का यह क्रम नवमी तक बना रहेगा। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में नवरात्र के पहले दिन से ही प्रतिमा स्थापित कर पूजन-अर्चन का कार्य जारी है। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पंडालों के पास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती गई है।
पिछले कई दिनों से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पूजा समितियों द्वारा पंडालों को बनाने का कार्य चल रहा था। पूजन से एक दिन पूर्व पंडाल को अंतिम रूप दे दिया गया। रविवार की रात सभी पंडालों में मां देवी मां की प्रतिमा स्थापित कर दी गई।
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सप्तमी के दिन सोमवार को शहर के विकास कल्याण समिति लालदरवाजा (गोइजीतर) की तरफ से शाम को चार बजे विधिवत हवन-पूजन के बाद पट खोलकर पूजा शुरू कर दी गई। लंका, सकलेनाबाद, नवापुरा, पीरनगर, गोराबाजार, वंशीबाजार, मिश्रबाजार, महुआबाग, ददरीघाट, चीतनाथ, नवाब साहब का फाटल, टेढ़ीबाजार, नखास, चीतनाथ, टेढ़वा, तुलसियाका पुल सहित अन्य मुहल्लों में कहीं शाम तो कहीं देर शाम पूजन-अर्चन के बाद स्थापित प्रतिमाओं के पट खोले गए।
पट खुलते ही पूजा-पाठ का कार्य शुरू कर दिया गया। रात में पूजा पंडालों के पास दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने मां का जयकारा लगाते हुए उनका दर्शन किया। ढोल-नगाड़े पर शाम को होने वाली आरती को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। पंडालों के आसपास सजाए गई रंग-बिरंगी झालरें छंटा बिखेर रही थीं। भीड़ के चलते कई मार्गों पर लोगों को जाम का सामना करना पड़ा।
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रात में मां का दर्शन के लिए पंडालों के पास भक्तों की भीड़ उमड़ी। मां की आरती के दौरान वातावरण पूरी तरह से देवीमय हो गया। सोमवार से शुरू हुए पूजा-आरती का यह क्रम नवमी तक बना रहेगा। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में नवरात्र के पहले दिन से ही प्रतिमा स्थापित कर पूजन-अर्चन का कार्य जारी है। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से पंडालों के पास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती गई है।
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पिछले कई दिनों से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पूजा समितियों द्वारा पंडालों को बनाने का कार्य चल रहा था। पूजन से एक दिन पूर्व पंडाल को अंतिम रूप दे दिया गया। रविवार की रात सभी पंडालों में मां देवी मां की प्रतिमा स्थापित कर दी गई।
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सप्तमी के दिन सोमवार को शहर के विकास कल्याण समिति लालदरवाजा (गोइजीतर) की तरफ से शाम को चार बजे विधिवत हवन-पूजन के बाद पट खोलकर पूजा शुरू कर दी गई। लंका, सकलेनाबाद, नवापुरा, पीरनगर, गोराबाजार, वंशीबाजार, मिश्रबाजार, महुआबाग, ददरीघाट, चीतनाथ, नवाब साहब का फाटल, टेढ़ीबाजार, नखास, चीतनाथ, टेढ़वा, तुलसियाका पुल सहित अन्य मुहल्लों में कहीं शाम तो कहीं देर शाम पूजन-अर्चन के बाद स्थापित प्रतिमाओं के पट खोले गए।
पट खुलते ही पूजा-पाठ का कार्य शुरू कर दिया गया। रात में पूजा पंडालों के पास दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी। लोगों ने मां का जयकारा लगाते हुए उनका दर्शन किया। ढोल-नगाड़े पर शाम को होने वाली आरती को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। पंडालों के आसपास सजाए गई रंग-बिरंगी झालरें छंटा बिखेर रही थीं। भीड़ के चलते कई मार्गों पर लोगों को जाम का सामना करना पड़ा।