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सावन में प्रसन्न हुए इंद्रदेव
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:30 PM IST
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पिछले कई दिनों से से बादलों की लुका-छिपी का खेल जारी है। इसी क्रम में रविवार की रात जहां रिमझिम बारिश हुई, वहीं सावन के पहले सोमवार को ही इंद्रदेव प्रसन्न हो गए। सुबह से ही रिमझिम बारिश का जो सिलसिला शुरू हुआ, वहां घंटों जारी रहा। बारिश से जहां शिवभक्त निहाल हो गए। वहीं मौसम सुहाना होने से गर्मी से परेशान लोगों को चेहरे खिल गए।
पिछले तीन दिनों से धूप और बदली का खेल चल रहा था। इसी बीच रविवार देर शाम तक बूंदा-बांदी होने से गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। मौसम ठंडा होने से लोग सुकून की नींद सोए। इसी क्रम में सावन के पहले सोमवार को सुबह ही रिमझिम फुहार पड़ने लगी।
रिमझिम बारिश के बीच एक तरफ जहां कई भक्त छाता के सहारे शिवालयों में भोले की आराधना के लिए पहुंचे और अधिकांश बारिश का आनंद लेते हुए। बारिश ने पदयात्रा कर महाहर धाम बाबा का जलाभिषेक करने जाने वाले कांवरियों को काफी राहत पहुंचाई। घंटों कभी धीमा तो कभी तेज हुई बारिश से मौसम पूरी तरह से ठंडा हो गया। कूलर के हवा के बीच बैठने पर सिहरन होने लगी, जिससे कइयों ने कूलर को बंद कर दिया। मौसम के मिजाज को देखते हुए अदिकांश लोग घरों से छाता लेकर निकले थे।
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पिछले तीन दिनों से धूप और बदली का खेल चल रहा था। इसी बीच रविवार देर शाम तक बूंदा-बांदी होने से गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। मौसम ठंडा होने से लोग सुकून की नींद सोए। इसी क्रम में सावन के पहले सोमवार को सुबह ही रिमझिम फुहार पड़ने लगी।
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रिमझिम बारिश के बीच एक तरफ जहां कई भक्त छाता के सहारे शिवालयों में भोले की आराधना के लिए पहुंचे और अधिकांश बारिश का आनंद लेते हुए। बारिश ने पदयात्रा कर महाहर धाम बाबा का जलाभिषेक करने जाने वाले कांवरियों को काफी राहत पहुंचाई। घंटों कभी धीमा तो कभी तेज हुई बारिश से मौसम पूरी तरह से ठंडा हो गया। कूलर के हवा के बीच बैठने पर सिहरन होने लगी, जिससे कइयों ने कूलर को बंद कर दिया। मौसम के मिजाज को देखते हुए अदिकांश लोग घरों से छाता लेकर निकले थे।
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