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पुत्री को जलाकर मार डाला
ब्यूरो/अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Tue, 10 Nov 2015 11:23 PM IST
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थाना क्षेत्र के फुल्ली गांव में सोमवार की रात पिता ने दूसरी पत्नी के
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बहकावे में आकर अपनी नाबालिग पुत्री को जलाकर मार डाला। घटना को छिपाने के
लिए रात में गंगा में उसका शव प्रवाहित कर दिया।
पुलिस ने मृतका के नाना की तहरीर पर आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मृतका के ननिहाल के लोग आरोपी को पकड़ कर अपने साथ मिर्चा गांव ले गए जहां उसे बंधक बनाया। बाद में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
फुल्ली गांव निवासी प्यारेलाल जायसवाल खेती के साथ ही गांव में चाय की दूकान करता है। प्यारेलाल की पहली पत्नी से दो पुत्र रौशन (17), दीपक (15) तथा पुत्री सोनी (14) है।
आठ वर्ष पहले प्यारेलाल ने पहली पत्नी अंजली जायसवाल के रहते दूसरी शादी सुषमा से कर ली थी। इसको लेकर पहली पत्नी अंजली दुखी और परेशान रहने लगी थी।
बीमारी की वजह से छह वर्ष पहले अंजली की मौत हो गई थी। इसके बाद अंजली का बड़ा बेटा रौशन घर छोड़कर दिलदारनगर में एक दूकान पर रहकर अपना जीविका चलाने लगा जबकि सोनी व उसका भाई दीपक अपने पिता और सौतेली मां के साथ फुल्ली गांव में रह रहे हैं।
इन बच्चों को सौतेली मां सुषमा पसंद नहीं करती थी और पति प्यारेलाल पर बच्चोें को घर से निकालने का दबाव बनाया करती थी। बीती रात करीब 8 बजे प्यारेलाल का दिमाग घूम गया और अपनी पुत्री सोनी जायसवाल (14) अपने मकान के ऊपरी तल्ले के कमरे में ले गया और उसे रस्सी से बांध मिट्टी का तेल डालकर जला दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
लोगों से बताया कि उसकी पुत्री ने आत्महत्या कर ली है। लोगों ने सोचा कि प्यारेलाल सुबह बेटी का अंतिम संस्कार करेगा, लेकिन घटना को छिपाने के लिए आरोपी पिता रात में ही ग्राम प्रधान चुनाव की तैयारी में लगे एक व्यक्ति के साथ मिलकर शव को ट्रैक्टर से मनिया घाट पर ले गया जहां शव गंगा में फेंक दिया।
इसके बाद घर आने के बजाय दूसरे गांव में चला गया। सुबह यह घटना गांव के लोगों में फैल गई। जैसे ही लोगों को यह जानकारी हुई कि प्यारेलाल ने बेटी के शव को रात में गंगा में प्रवाहित कर दिया है, लोग भड़क उठे। लोगों ने घटना की सूचना मृतका के ननिहाल वालों को दी।
जानकारी होते ही मृतका का नाना श्याम नारायण जायसवाल लोगों के साथ गांव में पहुंचा और प्यारेलाल की तलाश शुरू कर दिया। इसी दौरान उसे पता चला कि वह मोहम्मदपुर गांव में है।
वहां पहुंचे नाना ने उसे पकड़ लिया और अपने घर मिर्चा गांव लेकर चला गया। जानकारी होने पर वहां पहुंची पुलिस ने पिता को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद गंगा घाट में सोनी के शव की खोजबीन शुरू करा दी।
रात आठ बजे तक शव की तलाश जारी थी। इस मामले में मृतका के नाना श्यामनारायण जायसवाल की तहरीर पर पुलिस ने धारा 302 और 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने जितेंद्र दुबे ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर बालिका के शव की तलाश की जा रही है।
बेटी की जलाकर हत्या करने वाले प्यारेलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। गंगा में प्रवाहित किए गए मृतका के शव की तलाश की जा रही है।-रामकिशोर, पुलिस अधीक्षक
बच्चों को हटाने के लिए कोसती थी दूसरी पत्नी
पिता द्वारा पुत्री की जलाकर निर्मम हत्या की घटना को लेकर हर कोई हैरान था और तरह-तरह की चर्चा कर रहा था।
लोगों की चर्चाओ में यह बात प्रमुखता से शामिल थी कि सोनी की मां की मौत के बाद सौतेली मां सुषमा अपनी सौत अंजली और उसके दोनों भाइयों से अच्छा व्यवहार नहीं करती थी और बच्चों को यहां से हटाने के लिए हमेशा पति प्यारेलाल को कोसती रहती थी।
इसी कारणवश सोनी का बड़ा भाई रौशन घर छोड़कर दिलदारनगर में एक दूकान पर रहता था, जबकि सोनी के दूसरे बड़े भाई दीपक की दिमागी हालत ठीक नहीं है। पत्नी के बहकावे में आकर आखिरकार पिता ने अपनी ही बेटी को हमेशा-हमेशा के लिए मौत की नींद सुना दिया।
पुलिस ने मृतका के नाना की तहरीर पर आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मृतका के ननिहाल के लोग आरोपी को पकड़ कर अपने साथ मिर्चा गांव ले गए जहां उसे बंधक बनाया। बाद में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
फुल्ली गांव निवासी प्यारेलाल जायसवाल खेती के साथ ही गांव में चाय की दूकान करता है। प्यारेलाल की पहली पत्नी से दो पुत्र रौशन (17), दीपक (15) तथा पुत्री सोनी (14) है।
आठ वर्ष पहले प्यारेलाल ने पहली पत्नी अंजली जायसवाल के रहते दूसरी शादी सुषमा से कर ली थी। इसको लेकर पहली पत्नी अंजली दुखी और परेशान रहने लगी थी।
बीमारी की वजह से छह वर्ष पहले अंजली की मौत हो गई थी। इसके बाद अंजली का बड़ा बेटा रौशन घर छोड़कर दिलदारनगर में एक दूकान पर रहकर अपना जीविका चलाने लगा जबकि सोनी व उसका भाई दीपक अपने पिता और सौतेली मां के साथ फुल्ली गांव में रह रहे हैं।
इन बच्चों को सौतेली मां सुषमा पसंद नहीं करती थी और पति प्यारेलाल पर बच्चोें को घर से निकालने का दबाव बनाया करती थी। बीती रात करीब 8 बजे प्यारेलाल का दिमाग घूम गया और अपनी पुत्री सोनी जायसवाल (14) अपने मकान के ऊपरी तल्ले के कमरे में ले गया और उसे रस्सी से बांध मिट्टी का तेल डालकर जला दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
लोगों से बताया कि उसकी पुत्री ने आत्महत्या कर ली है। लोगों ने सोचा कि प्यारेलाल सुबह बेटी का अंतिम संस्कार करेगा, लेकिन घटना को छिपाने के लिए आरोपी पिता रात में ही ग्राम प्रधान चुनाव की तैयारी में लगे एक व्यक्ति के साथ मिलकर शव को ट्रैक्टर से मनिया घाट पर ले गया जहां शव गंगा में फेंक दिया।
इसके बाद घर आने के बजाय दूसरे गांव में चला गया। सुबह यह घटना गांव के लोगों में फैल गई। जैसे ही लोगों को यह जानकारी हुई कि प्यारेलाल ने बेटी के शव को रात में गंगा में प्रवाहित कर दिया है, लोग भड़क उठे। लोगों ने घटना की सूचना मृतका के ननिहाल वालों को दी।
जानकारी होते ही मृतका का नाना श्याम नारायण जायसवाल लोगों के साथ गांव में पहुंचा और प्यारेलाल की तलाश शुरू कर दिया। इसी दौरान उसे पता चला कि वह मोहम्मदपुर गांव में है।
वहां पहुंचे नाना ने उसे पकड़ लिया और अपने घर मिर्चा गांव लेकर चला गया। जानकारी होने पर वहां पहुंची पुलिस ने पिता को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद गंगा घाट में सोनी के शव की खोजबीन शुरू करा दी।
रात आठ बजे तक शव की तलाश जारी थी। इस मामले में मृतका के नाना श्यामनारायण जायसवाल की तहरीर पर पुलिस ने धारा 302 और 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने जितेंद्र दुबे ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर बालिका के शव की तलाश की जा रही है।
बेटी की जलाकर हत्या करने वाले प्यारेलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। गंगा में प्रवाहित किए गए मृतका के शव की तलाश की जा रही है।-रामकिशोर, पुलिस अधीक्षक
बच्चों को हटाने के लिए कोसती थी दूसरी पत्नी
पिता द्वारा पुत्री की जलाकर निर्मम हत्या की घटना को लेकर हर कोई हैरान था और तरह-तरह की चर्चा कर रहा था।
लोगों की चर्चाओ में यह बात प्रमुखता से शामिल थी कि सोनी की मां की मौत के बाद सौतेली मां सुषमा अपनी सौत अंजली और उसके दोनों भाइयों से अच्छा व्यवहार नहीं करती थी और बच्चों को यहां से हटाने के लिए हमेशा पति प्यारेलाल को कोसती रहती थी।
इसी कारणवश सोनी का बड़ा भाई रौशन घर छोड़कर दिलदारनगर में एक दूकान पर रहता था, जबकि सोनी के दूसरे बड़े भाई दीपक की दिमागी हालत ठीक नहीं है। पत्नी के बहकावे में आकर आखिरकार पिता ने अपनी ही बेटी को हमेशा-हमेशा के लिए मौत की नींद सुना दिया।