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गैरइरादतन हत्या में तीन को कैद
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:24 AM IST
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बहरियाबाद क्षेत्र में छह वर्ष पूर्व गैर इरादतन हत्या के मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय ने तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष कारावास और 25-25 हजार रूपया अर्थदंड की सजा सुनाई।
घुरहू राम ने 3 मार्च 2010 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 2 मार्च को शाम 4 बजे गांव के संतोष राम की मुर्गियां उसकी रखी गई उपले को बरबाद कर रही थीं। वह मुर्गियों को भगाने लगा तो संतोष राम और उसका भाई रविंद्र राम मारपीट करने लगे। घुरहू को बचाने के लिए उसका बेटा चंद्रभान आया बेचन गालियां देने लगा।
संतोष और बेचन उसकी पिटाई करने लगे। उसके सिर और पूरे शरीर में चोटें आई। इलाज के दौैरान 3 मार्च 2010 की दोपहर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने धारा 304, 323 और 504 भादवि के तहत एफआईआर दर्ज की थी।। अधिवक्ताओं की तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने संतोष, रविंद्र और बेचन को दोषी पाया।
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घुरहू राम ने 3 मार्च 2010 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 2 मार्च को शाम 4 बजे गांव के संतोष राम की मुर्गियां उसकी रखी गई उपले को बरबाद कर रही थीं। वह मुर्गियों को भगाने लगा तो संतोष राम और उसका भाई रविंद्र राम मारपीट करने लगे। घुरहू को बचाने के लिए उसका बेटा चंद्रभान आया बेचन गालियां देने लगा।
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संतोष और बेचन उसकी पिटाई करने लगे। उसके सिर और पूरे शरीर में चोटें आई। इलाज के दौैरान 3 मार्च 2010 की दोपहर उसकी मौत हो गई। पुलिस ने धारा 304, 323 और 504 भादवि के तहत एफआईआर दर्ज की थी।। अधिवक्ताओं की तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने संतोष, रविंद्र और बेचन को दोषी पाया।
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