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डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर दिया धरना
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Fri, 24 Jun 2016 11:49 PM IST
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धरने पर बैठे डाक्टर
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ तथा ज्वाइंट मेडिकल फोरम के बैनर तले जिला अस्पताल के सीएमएस कक्ष के सामने काली पट्टी बांध चिकित्सकों ने शुक्रवार को धरना दिया। इस दौरान सुबह आठ से दस बजे तक ओपीडी सहित जिला अस्पताल को बंद कर दिया गया था। केवल इमर्जेंसी सेवा जारी थी। ऐसा बीते रविवार को ड्यूटी पर तैनात डा. पीपी उपाध्याय को दबंगों द्वारा मारने-पीटने तथा आरोपियों की गिरफ्तारी न किए जाने के विरोध में किया गया।
उधर हड़ताल से बढ़ते दबाव बढ़ने के कारण पुलिस भी सक्रिय हो गई और दबिश पड़ने पर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उधर शुक्रवार को चिकित्सकों के हड़ताल पर चले जाने पर्ची काउंटर सुबह से दोपहर तक बंद रहा। ओपीडी के बाहर मरीज चिकित्सकों के आने का इंतजार करते रहे। पैथोलाजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड से लेकर ब्लड बैंक तक में ताले लटक रहे थे।
चिकित्सकों ने धरना सभा के दौरान कहा कि पुलिस प्रशासन की क्या ऐसी मजबूरी है कि वह आरोपियों को नहीं पकड़ रही है ? कहा कि घटना होने के बाद से आज तक आरोपी नहीं पकड़ गए और वह खुलेआम धमकियां दे रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ लोगों को ढाल बनाकर आंदोलन को ठंडा करने का भी कुचक्र रचा जा रहा है।
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वक्ताओं ने कहा कि अगर तत्काल पुलिस ने कार्रवाई नहीं किया तो शनिवार से इमरजेंसी सहित सारे कामकाज ठप कर दिए जाएंगे। चिकित्सकों के आंदोलन से घबराई पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी। दोपहर से पहले ही एक आरोपी पकड़ लिया गया। पकड़े गया आरोपी ऋषि चतुर्वेदी को पुलिस कस्टडी में लेकर उसका मेडिकल कराया गया। गुरुवार की देर रात आरोपियों के घर सीओ सिटी वेदप्रकाश सिंह ने नेतृत्व में छापेमारी की गई थी। लेकिन आरोपी अपने ठिकानों से फरार थे। पुलिस के लगातार छापेमारी से आरोपी सभासद ऋषि चतुर्वेदी के परिजन परेशान हो गये थे। चरचा यह भी है कि शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे शहर कोतवाली में ऋषि चतुर्वेदी ने आत्मसमपर्ण कर दिया।
जहां से उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम राजबहादुर राम यादव ने मामले को गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर उसे जेल भेज दिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी संघ के अध्यक्ष डॉ. रत्नाकर सिंह ने कहा कि एक हमलावर के जेल जाने से वह संतुष्ट नहीं हैं। जब तक सभी हमलावर गिरफ्त में नहीं होंगे तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व निर्णय के तहत 25 जून से जिले भर के सरकारी अस्पतालों के ओपीडी बंद कर दिए जाएंगे। लेकिन आपात सेवा जारी रहेंगी।
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उधर हड़ताल से बढ़ते दबाव बढ़ने के कारण पुलिस भी सक्रिय हो गई और दबिश पड़ने पर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उधर शुक्रवार को चिकित्सकों के हड़ताल पर चले जाने पर्ची काउंटर सुबह से दोपहर तक बंद रहा। ओपीडी के बाहर मरीज चिकित्सकों के आने का इंतजार करते रहे। पैथोलाजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड से लेकर ब्लड बैंक तक में ताले लटक रहे थे।
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चिकित्सकों ने धरना सभा के दौरान कहा कि पुलिस प्रशासन की क्या ऐसी मजबूरी है कि वह आरोपियों को नहीं पकड़ रही है ? कहा कि घटना होने के बाद से आज तक आरोपी नहीं पकड़ गए और वह खुलेआम धमकियां दे रहे हैं। इतना ही नहीं कुछ लोगों को ढाल बनाकर आंदोलन को ठंडा करने का भी कुचक्र रचा जा रहा है।
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वक्ताओं ने कहा कि अगर तत्काल पुलिस ने कार्रवाई नहीं किया तो शनिवार से इमरजेंसी सहित सारे कामकाज ठप कर दिए जाएंगे। चिकित्सकों के आंदोलन से घबराई पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी। दोपहर से पहले ही एक आरोपी पकड़ लिया गया। पकड़े गया आरोपी ऋषि चतुर्वेदी को पुलिस कस्टडी में लेकर उसका मेडिकल कराया गया। गुरुवार की देर रात आरोपियों के घर सीओ सिटी वेदप्रकाश सिंह ने नेतृत्व में छापेमारी की गई थी। लेकिन आरोपी अपने ठिकानों से फरार थे। पुलिस के लगातार छापेमारी से आरोपी सभासद ऋषि चतुर्वेदी के परिजन परेशान हो गये थे। चरचा यह भी है कि शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े नौ बजे शहर कोतवाली में ऋषि चतुर्वेदी ने आत्मसमपर्ण कर दिया।
जहां से उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम राजबहादुर राम यादव ने मामले को गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर उसे जेल भेज दिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी संघ के अध्यक्ष डॉ. रत्नाकर सिंह ने कहा कि एक हमलावर के जेल जाने से वह संतुष्ट नहीं हैं। जब तक सभी हमलावर गिरफ्त में नहीं होंगे तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व निर्णय के तहत 25 जून से जिले भर के सरकारी अस्पतालों के ओपीडी बंद कर दिए जाएंगे। लेकिन आपात सेवा जारी रहेंगी।