गाजीपुर। शहर के शास्त्रीनगर मुहल्ला स्थित चकबंदी कार्यालय में बीते बृहस्पतिवार को संदिग्धावस्था में हुई चकबंदी लेखपाल इंद्रेश यादव की मौत के दूसरे दिन परिजन आजमगढ़ से शव लेकर सायंकाल चार बजे चकंबदी कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। मृत लेखपाल के छोटे भाई ने इसे हत्या का मामला बताते हुए दफ्तर के सह कर्मचारियों और अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। घर वालों का आरोप है कि इंद्रेश द्वारा लिखी गई सोसाइड नोट कूटरचित है। उनका यह भी दावा है कि सोसाइड नोट मेरे भाई का लिखा नहीं है। इसकी सूचना पर तहसीलदार मुकेश सिंह, सीओ सिटी ओजस्वी चावला तथा कोतवाल धनंजय मिश्र मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों को न्याय का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार करने के लिए गाजीपुर श्मशान घाट ले गए।
आजमगढ़ जिले के महाराजगंज थाना अंतर्गत जमीरपुर निवासी इंद्रमणी यादव पुत्र स्व. रामअवध यादव ने शहर कोतवाली में तहरीर दी है कि मेरे बड़े भाईइंद्रेश यादव (30) की हत्या की गई है, उनके आत्महत्या की बात झूठी है। मेरा भाई इंद्रेश यादव चकबंदी विभाग में लेखपाल के पद पर सदर द्वितीय में तैनात है। उनकी ड्यूटी वर्तमान समय में कासिमाबाद तहसील के रायपुर बाघपुर में सिक्स और फोरलेन सड़क की भूमि के सीमांकन के लिए लगी थी। भाई ने यह आरोप लगाया है कि गांव के कुछ दबंग विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से सांठगांठ कर गलत कार्य करने के लिए दबाव बना रहे थे। जिसे करने से मेरे भाई ने मना कर दिया था। ऐसे में अधिकारी तथा कर्मचारी नाराज थे। भाई की मौत के बाद जब मैं मौके पर पहुंचा तो देखा की दरवाजा तोड़ने वाली बात बिल्कुल गलत है। दरवाजा पूरी तरह सही सलामत था। फाटक के भीतर और बाहर की कुंडी बिल्कुल सही थी। सपोटिंग टेबल भी सही सलामत था। ऐसे में आत्महत्या करने की बात बिल्कुल गलत है। इतना जरूर है कि विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिली भगत से हत्या को आत्महत्या का रूप दिया गया है। इतना ही नहीं इसमें फर्जी सोसाइड नोट भी तैयार किया गया है, यह मेरे भाई का न लेख है और न हस्ताक्षर है। ऐसे में मेरे भाई की हत्या विभाग के सह कर्मचारी और अधिकारियों द्वारा की गई है। ऐसे में पीड़ित परिवार ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। उधर मृतक की पत्नी रेनू का कहना है कि मेरे पति के बारे में जो कुछ भी लिखा है गलत है। वह बिल्कुल सही व्यक्ति थे। एक साजिश कर मेरे पति की हत्या की गई है। इस संबंध में सीओ ओजस्वी चावला ने कहा कि जो भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया है, जो भी कार्रवाई होगी, सोसाइड नोट की जांच के बाद की जाएगी।