{"_id":"6127ca958ebc3e79cc1434cc","slug":"cpi-ml-workers-staged-a-sit-in-ghazipur-news-vns6080951110","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री के नाम पर कुछ भी नहीं मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री के नाम पर कुछ भी नहीं मिला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) की ओर से विभिन्न सवालों को लेकर स्थानीय तहसील मुख्यालय के सामने बृहस्पतिवार को धरना-प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर पार्टी के जिला सचिव रामप्यारे राम ने कहा कि कर्मनाशा और गंगा में आई बाढ़ से जमानिया सहित सेवराई, सदर, सैदपुर तहसील के कई गांवों में गरीबों, किसानों को काफी क्षति हुई है। किसानों, खेत मजदूरों की खेती पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। आज तक बाढ़ प्रभावित कालनपुर, गायघाट, धुसका, ताजपुर, रघुनाथपुर जैसे कई गांवों में राहत सामग्री के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि इस इलाके में 70 फीसदी खेती बटाई पर होती है। 25 से 30 हजार रुपये उन किसानों ने कास्तकार को देने के बाद खेती में जो भी लागत लगाई उनकी पूरी पूंजी डूब गई। इनके लिए सरकार मुआवजा देने का प्रावधान करे। सिर्फ राहत सामग्री मुहैया कराने से काम नहीं चलेगा। योगी सरकार बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा करे। गांव-गांव में गरीबों को छह महीने तक मुफ्त में राशन दाल, तेल, चीनी, चना सहित जलावन की व्यवस्था के साथ, मनरेगा के तहत काम दे नहीं तो बाढ़ राहत गुजारा भत्ता देने की व्यवस्था करे। कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश का नारा देकर आई योगी सरकार में भाजपाइयों को अनिश्चितकालीन धरना करना पड़ रहा है जो बेहद शर्मनाक है। इससे ये बातें पूरी तरह से साफ हो गई है भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे तक पूरी तरह से संस्थाबद्ध हो गया। गाजीपुर में सड़कों पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी सड़कें दो-तीन महीने में गड्ढायुक्त हो जा रही हैं। गाजीपुर शहर में सड़कों और गलियों की हालत बद से बदतर है। धरना सभा में मुराली वनवासी, विजयी वनवासी, लालजी वनवासी, जगबली राजभर, बुच्चीलाल, विनोद कुशवाहा ने विचार व्यक्त किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस इलाके में 70 फीसदी खेती बटाई पर होती है। 25 से 30 हजार रुपये उन किसानों ने कास्तकार को देने के बाद खेती में जो भी लागत लगाई उनकी पूरी पूंजी डूब गई। इनके लिए सरकार मुआवजा देने का प्रावधान करे। सिर्फ राहत सामग्री मुहैया कराने से काम नहीं चलेगा। योगी सरकार बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा करे। गांव-गांव में गरीबों को छह महीने तक मुफ्त में राशन दाल, तेल, चीनी, चना सहित जलावन की व्यवस्था के साथ, मनरेगा के तहत काम दे नहीं तो बाढ़ राहत गुजारा भत्ता देने की व्यवस्था करे। कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश का नारा देकर आई योगी सरकार में भाजपाइयों को अनिश्चितकालीन धरना करना पड़ रहा है जो बेहद शर्मनाक है। इससे ये बातें पूरी तरह से साफ हो गई है भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे तक पूरी तरह से संस्थाबद्ध हो गया। गाजीपुर में सड़कों पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी सड़कें दो-तीन महीने में गड्ढायुक्त हो जा रही हैं। गाजीपुर शहर में सड़कों और गलियों की हालत बद से बदतर है। धरना सभा में मुराली वनवासी, विजयी वनवासी, लालजी वनवासी, जगबली राजभर, बुच्चीलाल, विनोद कुशवाहा ने विचार व्यक्त किया।
विज्ञापन