{"_id":"582c9a3d4f1c1b61368ffbe6","slug":"competition-crest-first-love","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतियोगिता में शिखा,प्रीति प्रथम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतियोगिता में शिखा,प्रीति प्रथम
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
राजकीय महिला पीजी काॅलेज में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में उपस्थित छात्राएं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को गांधीवाद दर्शन वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी अस्त्र है शीर्षक पर वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। इसमें शीर्षक के पक्ष और विपक्ष में छात्राओं ने विचार व्यक्त किया। पक्ष में बीएससी प्रथम वर्ष की शिखा जायसवाल और विपक्ष में एमए प्रथम वर्ष की प्रीति वर्मा पहले स्थान पर रहीं।
पक्ष में बीए द्वितीय वर्ष की सबीका आब्दी एवं विपक्ष में बीए तृतीय वर्ष की अंकिता सिंह दूसरे तथा पक्ष में बीए प्रथम वर्ष की पूजा कुशवाहा एवं विपक्ष में बीए प्रथम वर्ष की वैष्णवी को तीसरा स्थान मिला। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर पूजा-अर्चन से प्रारंभ हुई। प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार तिवारी ने आज के परिप्रेक्ष्य में गांधी दर्शन के महत्व और प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए गांधीजी को विराट व्यक्तित्व का स्वामी बताया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अनीता कुमारी ने वाद-विवाद प्रतियोगिता के औचित्य का उल्लेख किया। इस अवसर पर डॉ. आरपी कुशवाहा, डॉ. वीएम प्रसाद, संतन राम, हरेंद्र यादव, एखलाक अहमद, डॉ. विकास सिंह और डॉ. अमित यादव उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अकबरे आजम ने किया।
पक्ष में बीए द्वितीय वर्ष की सबीका आब्दी एवं विपक्ष में बीए तृतीय वर्ष की अंकिता सिंह दूसरे तथा पक्ष में बीए प्रथम वर्ष की पूजा कुशवाहा एवं विपक्ष में बीए प्रथम वर्ष की वैष्णवी को तीसरा स्थान मिला। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर पूजा-अर्चन से प्रारंभ हुई। प्राचार्य डॉ. अनिल कुमार तिवारी ने आज के परिप्रेक्ष्य में गांधी दर्शन के महत्व और प्रासंगिकता का उल्लेख करते हुए गांधीजी को विराट व्यक्तित्व का स्वामी बताया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अनीता कुमारी ने वाद-विवाद प्रतियोगिता के औचित्य का उल्लेख किया। इस अवसर पर डॉ. आरपी कुशवाहा, डॉ. वीएम प्रसाद, संतन राम, हरेंद्र यादव, एखलाक अहमद, डॉ. विकास सिंह और डॉ. अमित यादव उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अकबरे आजम ने किया।
विज्ञापन