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एटीएम कैशलेस, बढ़ा लोगों का दर्द
ब्यूरो,अमर उजाला/गाजीपुर
Updated Tue, 06 Dec 2016 11:29 PM IST
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शहर के मिश्रबाजार स्थित स्टेट बैंक के एटीएम पर पैसा के लिए खड़ी युवतियां।
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पता नहीं कब तक करेंसी के संकट से छुटकारा मिलेगा। पैसा निकालने के लिए एक तरफ जहां बैंकों में जद्दोजहद करनी पड़ रही है, वहीं एटीएम भी ग्राहकों का दर्द बढ़ा रहे हैं। बैंक खुलने के दिन की कौन कहे, बंदी के भी अधिकतर एटीएम शो-पीस बने रह रहे हैं, जिससे ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ इसी तरह का कहना था नगर के मिश्र बाजार स्थित स्टेट बैंक के एटीएम पर लाइन में खड़े लोगों का, जहां सुबह से लेकर देर शाम तक ग्राहक पैसे के लिए जद्दोजहद करते रहे।
स्टेट बैंक के एटीएम पर पैसे के लिए लाइन में खड़े शहर के टेढ़वा निवासी बबलू गुप्ता का कहना था कि नगर के अधिकांश एटीएम बंद है, एक-दो ही काम कर रहे हैं। दो घंटे से कतार में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस बात की भी चिंता सता रही है कि कहीं बीच में ही पैसा समाप्त न हो जाए।
कतार में खड़े लालदरवाजा के अनिल शर्मा के माथे पर ठंड में भी पसीना चमक रहा था। उन्होंने कहा कि आज बैंक बंद होने पर भी ज्यादातर एटीएम के शटर बंद है, जिससे इस एटीएम पर ग्राहकों का दबाव बना हुआ है। नोटबंदी के इस परेशानी के दौर में अगर सभी बैंकों के एटीएम 24 घंटा काम करते तो, करेंसी का संकट काफी हद तक कम हो जाता। बैंक की भीड़ से बचने के लिए उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए गए एटीएम सेवा भी उनके लिए परेशानी भरी साबित हो रही है।
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चीतनाथ के विनोद शर्मा ने कहा कि मैं पांच घंटे तक एटीएम पर लाइन में लगा रहा, लेकिन बीच में ही पैसा समाप्त होने पर निराशा हुई। पैसे के लिए अन्य एटीएम तक दौड़ लगाया, लेकिन अधिकतर एटीएम बंद मिले। वहीं नगर के मिश्र बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक और विशेश्वरगंज स्थित पंजाब नैशनल बैंक के एटीएम से पैसे निकले।
नंदगंज संवाददाता के अनुसार स्थानीय बाजार में इलाहाबाद, यूनियन बैंक, स्टेट बैंक और बैंक आफ बड़ौदा का एटीएम है, लेकिन नोटबंदी के बाद एक-दो ही दिन ग्राहकों को एटीएम का लाभ मिल सका।
भदौरा संवाददाता के अनुसार ग्राहकों की सुविधा के लिए यूनियन बैंक का दो एटीएम है लेकिन तीन-चार दिन से दोनों बंद चल रहा है। लोगों को यह उम्मीद थी कि शायद बैंक बंदी के दिन उन्हें लाभ मिले, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।ज्यादातर एटीएम खाली पड़े थे।
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स्टेट बैंक के एटीएम पर पैसे के लिए लाइन में खड़े शहर के टेढ़वा निवासी बबलू गुप्ता का कहना था कि नगर के अधिकांश एटीएम बंद है, एक-दो ही काम कर रहे हैं। दो घंटे से कतार में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस बात की भी चिंता सता रही है कि कहीं बीच में ही पैसा समाप्त न हो जाए।
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कतार में खड़े लालदरवाजा के अनिल शर्मा के माथे पर ठंड में भी पसीना चमक रहा था। उन्होंने कहा कि आज बैंक बंद होने पर भी ज्यादातर एटीएम के शटर बंद है, जिससे इस एटीएम पर ग्राहकों का दबाव बना हुआ है। नोटबंदी के इस परेशानी के दौर में अगर सभी बैंकों के एटीएम 24 घंटा काम करते तो, करेंसी का संकट काफी हद तक कम हो जाता। बैंक की भीड़ से बचने के लिए उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराए गए एटीएम सेवा भी उनके लिए परेशानी भरी साबित हो रही है।
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चीतनाथ के विनोद शर्मा ने कहा कि मैं पांच घंटे तक एटीएम पर लाइन में लगा रहा, लेकिन बीच में ही पैसा समाप्त होने पर निराशा हुई। पैसे के लिए अन्य एटीएम तक दौड़ लगाया, लेकिन अधिकतर एटीएम बंद मिले। वहीं नगर के मिश्र बाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक और विशेश्वरगंज स्थित पंजाब नैशनल बैंक के एटीएम से पैसे निकले।
नंदगंज संवाददाता के अनुसार स्थानीय बाजार में इलाहाबाद, यूनियन बैंक, स्टेट बैंक और बैंक आफ बड़ौदा का एटीएम है, लेकिन नोटबंदी के बाद एक-दो ही दिन ग्राहकों को एटीएम का लाभ मिल सका।
भदौरा संवाददाता के अनुसार ग्राहकों की सुविधा के लिए यूनियन बैंक का दो एटीएम है लेकिन तीन-चार दिन से दोनों बंद चल रहा है। लोगों को यह उम्मीद थी कि शायद बैंक बंदी के दिन उन्हें लाभ मिले, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।ज्यादातर एटीएम खाली पड़े थे।