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El capital era la diosa del aprendizaje, Saraswati
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Thu, 02 Feb 2017 12:51 AM IST
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सरस्वती देवी
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शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर जगह-जगह स्थापित पंडालों में वीणा वादिनी की पूजा-अर्चना की गई। देवी का दर्शन करने के लिए पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। विभिन्न शैक्षिक संस्थानों में भी मां वाग्देवी की आराधना की गई।शहर सहित ग्रमीण क्षेत्रों में बसंत पंचमी का पर्व परंपरागत तरीके से बुधवार को मनाया गया। शैक्षिक संस्थाओं एवं पूजा कमेटियों द्वारा जगह-जगह मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजन-अर्चन का कार्य किया गया। दोपहर बाद विधिवत हवन-पूजन के बाद मां सरस्वती के आंखों पर बंधी पट्टी को खोला गया।
इसके बाद पूजन-अर्चन का कार्यक्रम शुरू किया गया, जो घंटों चलता रहा। शहर के मिश्रबाजार, महुआबाग, लालदरवाजा, सुजावलपुर, स्टीमरघाट, झुन्नूलाल का चौराहा, ददरीघाट, लंका, गोराबाजार, कचहरी, पीरनगर, टेढ़ीबाजार, टेढ़वा, अक्कलपुरा, शेखपुरा, रौजा, फुल्लनपुर, मालगोदाम, खोवा मंडी आदि मुहल्लों में पूजा कमेटी के लोगों द्वारा छोटे-बड़े पंडालों में देवी की प्रतिमा स्थापित की गई थी।
हवन-पूजन के बाद मां सरस्वती आंखों पर बंधी पट्टी खुलने के बाद दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हो गया। देवी के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का पंडालो में पहुंचने का सिलसिला बना रहा। दर्शन-पूजन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को पूजा कमेटी के सदस्यों द्वारा प्रसाद का वितरण किया जा रहा था।
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दिलदारनगर, जमानिया, सेवराई, गहमर, सुहवल, मतसा, कासिमाबाद, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा, सिधागरघाट, मरदह, बिरनो, दुल्लहपुर, जंगीपुर, मुहम्मदाबाद, बारा, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार, देवकली, नंदगंज, करंडा, बहरियाबाद, शादियाबाद, भीमापार, हंसराजपुर, सादात सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरस्वती पूजन की धूम मची रही। पंडालों में स्थापित देवी के दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा है। पंडालों में बड़े-बड़े साउंडों में बज गीत से वातावरण पूरी तरह से देवीमय बना रहा।
इसके बाद पूजन-अर्चन का कार्यक्रम शुरू किया गया, जो घंटों चलता रहा। शहर के मिश्रबाजार, महुआबाग, लालदरवाजा, सुजावलपुर, स्टीमरघाट, झुन्नूलाल का चौराहा, ददरीघाट, लंका, गोराबाजार, कचहरी, पीरनगर, टेढ़ीबाजार, टेढ़वा, अक्कलपुरा, शेखपुरा, रौजा, फुल्लनपुर, मालगोदाम, खोवा मंडी आदि मुहल्लों में पूजा कमेटी के लोगों द्वारा छोटे-बड़े पंडालों में देवी की प्रतिमा स्थापित की गई थी।
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हवन-पूजन के बाद मां सरस्वती आंखों पर बंधी पट्टी खुलने के बाद दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हो गया। देवी के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं का पंडालो में पहुंचने का सिलसिला बना रहा। दर्शन-पूजन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को पूजा कमेटी के सदस्यों द्वारा प्रसाद का वितरण किया जा रहा था।
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दिलदारनगर, जमानिया, सेवराई, गहमर, सुहवल, मतसा, कासिमाबाद, भांवरकोल, करीमुद्दीनपुर, दुबिहा, सिधागरघाट, मरदह, बिरनो, दुल्लहपुर, जंगीपुर, मुहम्मदाबाद, बारा, खानपुर, सैदपुर, औड़िहार, देवकली, नंदगंज, करंडा, बहरियाबाद, शादियाबाद, भीमापार, हंसराजपुर, सादात सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरस्वती पूजन की धूम मची रही। पंडालों में स्थापित देवी के दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा है। पंडालों में बड़े-बड़े साउंडों में बज गीत से वातावरण पूरी तरह से देवीमय बना रहा।