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जगह-जगह फूंके गए प्रधानमंत्री पुतले
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Fri, 02 Jan 2015 11:05 PM IST
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अखिल भारतीय किसान महासभा के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मिशन
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कंपाउंड स्थित कार्यालय से जुलूस निकाला और जिला मुख्यालय पह़ुंचकर
जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका।
इस दौरान कार्यकर्ता भूमि अधिग्रहण अध्यादेश वापस लो, किसानों की लूट,
कारपोरेट घरानों को छूट बंद करो का नारा लगाते चल रहे थे।
पुतला दहन स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि नया भूमि अधिग्रहण कानून 2013 अभी ठीक से जमीन पर लागू नहीं हुआ, जिसे भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए तमाम संशोधन कर संसद में बनवाया।
मोदी सरकार बनते ही ओबामा सरकार एवं कारपोरेट घरानों को खुश करने और किसानों की जमीन लूटने के लिए अध्यादेश लाकर इस कानून को बदल दिया। 1894 के अंग्रेजों के भूमि अधिग्रहण कानून को हो ही फिर से देश में लागू कर दिया।
मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बड़ी शहादतों के बाद एक स्तर पर किसानों के हित में यह कानून बना था, लेकिन कारपोरेट घरानों एवं रियल एस्टेट के कारोबारियों समेत विदेशी पूंजी के दबाव में बदले इस कानून के खिलाफ सरकार को किसान आंदोलनों को मुकाबला करना होगा।
कहा कि फसल की उचित कीमत पर खरीद नहीं हो रही है। सरकार ने किसानों को दिए जाने वाले राज्यों का बोनस खत्म कर दिया है। 50 प्रतिशत से लागत बढ़ाकर देने से भी सरकार ने वादाखिलाफी की है। जिला मुख्यालय पर पुतला दहन में कमलाकर राम, प्रमोद कुशवाहा, आजाद यादव, नंदकिशोर बिंद, सुरेश कुशवाहा आदि शामिल थे।
जमानिया संवाददाता के अनुसार रामप्यारे राम, बुच्चीलाल, विनोद गुप्त, रामअवध बिंद, विजयी, ऊषा, आदि ने तहसील मुख्यालय गेट पर पुतला दहन किया। भदौरा संवाददाता के अनुसार किसान नेता रामप्रवेश कुशवाहा के नेतृत्व में करबनिया कार्यालय से जुलूस निकालकर बाजार में मार्च करते हुए भदौरा मोड़ पर पीएम मोदी का पुतला दहन किया गया।
पुतला दहन स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि नया भूमि अधिग्रहण कानून 2013 अभी ठीक से जमीन पर लागू नहीं हुआ, जिसे भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए तमाम संशोधन कर संसद में बनवाया।
मोदी सरकार बनते ही ओबामा सरकार एवं कारपोरेट घरानों को खुश करने और किसानों की जमीन लूटने के लिए अध्यादेश लाकर इस कानून को बदल दिया। 1894 के अंग्रेजों के भूमि अधिग्रहण कानून को हो ही फिर से देश में लागू कर दिया।
मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बड़ी शहादतों के बाद एक स्तर पर किसानों के हित में यह कानून बना था, लेकिन कारपोरेट घरानों एवं रियल एस्टेट के कारोबारियों समेत विदेशी पूंजी के दबाव में बदले इस कानून के खिलाफ सरकार को किसान आंदोलनों को मुकाबला करना होगा।
कहा कि फसल की उचित कीमत पर खरीद नहीं हो रही है। सरकार ने किसानों को दिए जाने वाले राज्यों का बोनस खत्म कर दिया है। 50 प्रतिशत से लागत बढ़ाकर देने से भी सरकार ने वादाखिलाफी की है। जिला मुख्यालय पर पुतला दहन में कमलाकर राम, प्रमोद कुशवाहा, आजाद यादव, नंदकिशोर बिंद, सुरेश कुशवाहा आदि शामिल थे।
जमानिया संवाददाता के अनुसार रामप्यारे राम, बुच्चीलाल, विनोद गुप्त, रामअवध बिंद, विजयी, ऊषा, आदि ने तहसील मुख्यालय गेट पर पुतला दहन किया। भदौरा संवाददाता के अनुसार किसान नेता रामप्रवेश कुशवाहा के नेतृत्व में करबनिया कार्यालय से जुलूस निकालकर बाजार में मार्च करते हुए भदौरा मोड़ पर पीएम मोदी का पुतला दहन किया गया।