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करेंसी को लेकर जारी है मुश्किलों का दौर
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Tue, 15 Nov 2016 11:40 PM IST
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अधिकांश बैंकों में पहुंची नई करेंसी
- फोटो : अमर उजाला
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करेंसी को लेकर लगातार छठवें दिन मंगलवार को भी लोगों की मुश्किलें बनी रहीं । शहर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के प्राय: सभी बैंकों में पैसा निकालने और 500 तथा 1000 नोट बदलने के लिए ग्राहकों की गहमा-गहमी सुबह से लेकर देर शाम तक बनी रही। इस बीच लाइन में खड़े लोगों में आगे-पीछे होने को लेकर तीखी झड़प भी होती रही। कुछ इसी तरह ही स्थिति उन एटीएम पर रही, जो काम कर रहे थे।
आठ नवंबर की रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 के नोट बंद करने के फरमान के बाद देशवासियों की नींद उड़ गई थी। खासकर उन लोगों की रात उलझन में बीती, जिन्होंने भारी मात्रा में इन नोटों को रखा हुआ था। इस फरमान के बाद बैंकों में इन नोटों को जमा करने और बदलने की होड़ मच गई। लगातार छह दिनों से स्थिति यह है कि सुबह बैंक खुलने की कौन कहे, इससे पहले ही बैंकों में सैकड़ों की संख्या में लोग नोट जमा करने और बदलने के लिए पहुंच जा रहे हैं। आलम यह हो जा रहा है कि बैंकों में घुसने के लिए लोगों को धक्का-मुक्की करनी पड़ रही है। बैंकों में महिला और पुरुषों की लंबी-लंबी कतार लग रही है। बारी-बारी से लोग कैश काउंटर पर प्रतिबंधित नोटों को जमा करने के साथ ही बदलने का कार्य कर रहे हैं। मंगलवार को शहर के मिश्रबाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक, महुआबाग स्थित यूनियन बैंक, आईसीआईआई बैंक, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, विशेश्वरगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक सहित अन्य बैंकों में सैकड़ों की संख्या में ग्राहक पहुंचे। किसी प्रकार की अव्यवस्था ने फैले, इसके लिए बैंकों में तैनात पुलिस कर्मी लोगों को लाइन में खड़ा होकर पैसा जमा करने को कह रहे थे। घंटों परेशानियों के बीच लोगों ने भूखे-प्यासे रहकर पैसा जमा किया। ग्राहकों की भीड़ देख बैंक कर्मी पसीना बहाते हुए उलझन के बीच काम करते रहे।
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आठ नवंबर की रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 के नोट बंद करने के फरमान के बाद देशवासियों की नींद उड़ गई थी। खासकर उन लोगों की रात उलझन में बीती, जिन्होंने भारी मात्रा में इन नोटों को रखा हुआ था। इस फरमान के बाद बैंकों में इन नोटों को जमा करने और बदलने की होड़ मच गई। लगातार छह दिनों से स्थिति यह है कि सुबह बैंक खुलने की कौन कहे, इससे पहले ही बैंकों में सैकड़ों की संख्या में लोग नोट जमा करने और बदलने के लिए पहुंच जा रहे हैं। आलम यह हो जा रहा है कि बैंकों में घुसने के लिए लोगों को धक्का-मुक्की करनी पड़ रही है। बैंकों में महिला और पुरुषों की लंबी-लंबी कतार लग रही है। बारी-बारी से लोग कैश काउंटर पर प्रतिबंधित नोटों को जमा करने के साथ ही बदलने का कार्य कर रहे हैं। मंगलवार को शहर के मिश्रबाजार स्थित भारतीय स्टेट बैंक, महुआबाग स्थित यूनियन बैंक, आईसीआईआई बैंक, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, विशेश्वरगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक सहित अन्य बैंकों में सैकड़ों की संख्या में ग्राहक पहुंचे। किसी प्रकार की अव्यवस्था ने फैले, इसके लिए बैंकों में तैनात पुलिस कर्मी लोगों को लाइन में खड़ा होकर पैसा जमा करने को कह रहे थे। घंटों परेशानियों के बीच लोगों ने भूखे-प्यासे रहकर पैसा जमा किया। ग्राहकों की भीड़ देख बैंक कर्मी पसीना बहाते हुए उलझन के बीच काम करते रहे।
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