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Ghazipur News: केले की खेती से किसानों की जिंदगी में घुली खुशिहाली की मिठास

Tue, 19 Dec 2023 11:32 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Dec 2023 11:32 PM IST
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Banana farming adds sweetness of happiness to the lives of farmers
गाजीपुर। भूसावल का केला जहां अपनी प्रसिद्धि के लिए जाना जाता है। बिहार में भी केले की खेती बड़े पैमाने पर होती है। ऐसे में पेरिशेबल कार्गो के स्थापित होने से जनपद में केले की खेती को लेकर किसानों ने पांच वर्ष पूर्व कदम बढ़ाया। अब उनकी मेहनत ने ऐसा रंग लाया कि प्रतिमाह 600 एमटी केला जहां पकाने के लिए यहां रखा जा रहा है। वहीं अन्य प्रांतों के अलावा अन्य जगहों पर किसान से सीधे खरीदकर व्यापारी लेकर जा रहे हैं। जनपद के दो ब्लाॅक के किसानों द्वारा केले की खेती करके आर्थिक रूप से अपने आप को सुदृढ़ किया जा रहा है। यहीं नहीं गाजीपुर घाट स्टेशन स्थित पेरिशेबल कार्गो में प्राकृतिक तरीके से पकाए केले के स्वाद से लोग रूबरू हो रहे हैं।
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करीब चार सौ हेक्टेयर में वर्तमान समय में केले की खेती हो रही है। करीब 700 से 800 किसान और उनका परिवार लाभान्वित हो रहा है। इसमें सबसे अधिक रेवतीपुर, मुहम्मदाबाद, सुहवल का इलाका है, जहां केले की खेती की जाती है। पूर्व में जनपद में केले की आपूर्ति पड़ोसी सहित अन्य राज्यों से की जाती थी। वहां से कच्चे केले को मंगाकर व्यापारियों द्वारा अप्राकृतिक तौर से पकाकर बेचने का काम किया जाता था। इसके चलते जहां केला स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित होता था, वहीं अप्राकृतिक तौर से पके केले में स्वाद भी नहीं मिल पाता था। पूर्व रेल राज्यमंत्री और वर्तमान में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रयास से किसानों और व्यापारियों की सुविधा के लिए गाजीपुर घाट में पेरिशबल कार्गो की स्थापना की गई।
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पेरिशेबल कार्गो की ओर से चार से पांच खेप में भुसावल, आंध्र प्रदेश और इंदौर से कच्चा केला मंगाकर प्राकृतिक तरीके से पकाने का कार्य किया गया। इसके बाद प्राकृतिक तौर से पके केले का आनंद जिले वासियों को मिलना शुरू हो गया। इसके बाद कार्गो के कर्मियों द्वारा यहां के किसानों को केले की खेती करने के लिए जागरूक करने का कदम उठाया गया। जिसके फलस्वरूप धीरे-धीरे किसानों ने खेती शुरू की और इसका क्षेत्रफल बढ़ता चला गया। ऐसे में अब जनपद के केले की मांग अन्य जनपदों एवं प्रांतों में बढ़ने लगी है।
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जिले के किसानों द्वारा केले की खेती करके अपने आप को आर्थिक रूप सुदृढ़ किया जा रहा है। वर्तमान समय में करीब 400 हेक्टेयर में खेले की खेती हो रही है। इसमें लाभ देख अब धीरे-धीरे जखनिया, करंडा और कासिमाबाद के कुछ किसानों ने भी कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। - ब्रिजेश राय, प्रभारी पेरिशेबल कार्गो गाजीपुर।




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करीब पांच वर्ष से केले की खेती कर रहा हूं। लागत से तीन गुना लाभ मिल रहा है। वर्तमान समय में चार एकड़ में केले की फसल लहलहा रही है। इसकी खेती से सिर्फ किसान ही लाभान्वित नहीं हो रहे हैं, इस कार्य में पांच से छह मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। राघवेंद्र शेखर सिंह, किसान मेदनीपुर।
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