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उसरी चट्टी हत्याकांड: तकनीकी खराबी से नहीं हो सकी गवाही, अगली तारीख 16 अगस्त

Tue, 02 Aug 2022 10:57 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 02 Aug 2022 10:57 AM IST
सार

15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। दोपहर करीब 12. 30 बजे मुहम्मदाबाद कोतवाली के उसरी चट्टी पर उनके काफिले पर हमलावरों ने स्वचालित हथियारों से फायरिंग की थी। इसमें मुख्तार अंसारी के गनर की मौत हो गई थी। एक हमलावर की भी मौत हुई थी। 

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मुख्तार अंसारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमपी/ एमएलए कोर्ट रामसुध सिंह की अदालत में 21 वर्ष पुराने बहुचर्चित उसरी चट्टी हत्याकांड में सोमवार को गवाही होनी थी। न्यायालय में गवाह रमेश राम पुलिस सुरक्षा में उपस्थित थे। इधर, आरोपी बृजेश और त्रिभुवन सिंह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित होना था। लेकिन वाराणसी से तकनीकी खराबी के कारण उनकी उपस्थिति नहीं हो पाई। ऐसे में न्यायालय ने गवाही के लिए 16 अगस्त की तिथि तय की है। साथ ही सेंट्रल जेल वाराणसी के अधीक्षक को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। 
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15 जुलाई 2001 को मुख्तार अंसारी अपने निर्वाचन क्षेत्र मऊ जा रहे थे। दोपहर करीब 12. 30 बजे मुहम्मदाबाद कोतवाली के उसरी चट्टी पर उनके काफिले पर हमलावरों ने स्वचालित हथियारों से फायरिंग की थी। इसमें मुख्तार अंसारी के गनर की मौत हो गई थी। एक हमलावर की भी मौत हुई थी। इस दौरान मुख्तार अंसारी के साथ चलने वाले पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। इस मामले में मुख्तार अंसारी ने बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह को नामजद और 15 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचना उपरांत पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया था। इसमें से दो आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो गई।
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पिछले कई तारीखों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये लिंक न मिलने के कारण अभियुक्त बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह हाजिर अदालत नहीं हो पा रहे हैं, जिससे रमेश राम की गवाही नहीं हो पा रही हैं। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए 16 अगस्त को सेंट्रल जेल वाराणसी के अधीक्षक को स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया है। मिर्जापुर जेलर को आदेश दिया है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आरोपी की उपस्थिति नियत तिथि पर सुनिश्चित करें। मालूम हो कि आरोपी बृजेश सिंह वाराणसी सेंट्रल जेल और आरोपी त्रिभुवन सिंह मिर्जापुर जेल में निरुद्ध हैं।
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