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Ghazipur News: दिल्ली से आई टीम की जांच में धंसी मिली एक बेयरिंग

Sun, 25 Oct 2026 11:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2026 11:38 PM IST
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A bearing was found embedded in the structure during an inspection by a team from Delhi.
वीर अब्दुल हमीद सेतु के संरचनात्मक मजबूती की जांच करती एनएचआई के ब्रिज एक्सपर्ट की टीम। संवाद
गंगा नदी पर स्थित हमीद सेतु पर बढ़ते वाहनों के दबाव के बीच रविवार को इसकी सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती की जांच के लिए दिल्ली से आई एनएचआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) की टीम ने जायजा लिया। विभाग की ब्रिज एक्सपर्ट टीम ने मोबाइल ब्रिज इंस्पेक्शन यूनिट (एमबीआईयू) के जरिये जांच की। जांच में पी-6 और पी-7 पिलर के बीच लगी एक बेयरिंग धंसी मिली।
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इसके बाद टीम ने सेतु के विभिन्न स्पैन, ज्वाइंटर और बेयरिंग की बारीकी से जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान सेतु पर वाहनों का आवागमन वन-वे रखा गया। इससे रुक-रुककर जाम जैसी स्थिति बनती रही और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। टीम ने मोबाइल इंस्पेक्शन यूनिट की मदद से सेतु के ऊपरी हिस्से, गर्डर बॉक्स के स्पैन और जॉइंटर के बीच लगी बेयरिंग की स्थिति का निरीक्षण किया। एक बेयरिंग धंसी मिलने के बाद उसको दुरुस्त करने की तैयारी तेज कर दी गई है। मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित होने की आशंका से गंगा पार के लोगों, राहगीरों और निजी एवं सरकारी वाहनों के चालकों की चिंता बढ़ गई है।
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गौरतलब है कि हमीद सेतु की बेयरिंग पहले भी कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वर्ष 2015 से 2020 के बीच अलग-अलग वर्षों में बेयरिंग बदलने का काम कराया गया था। बार-बार सामने आ रही इस समस्या ने सेतु के रखरखाव और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 1100 मीटर लंबे इस सेतु की आधारशिला वर्ष 1975 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी ने रखी थी। लगभग 10 वर्षों में बनकर तैयार हुए इस पुल को वर्ष 1985 में आमजन के आवागमन के लिए खोल दिया गया था। 12 पिलर, 26 ज्वाइंटर और 52 बेयरिंग पर टिके इस कैंटीलीवर सस्पेंडेड सेतु से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े यात्री और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में इसकी सुरक्षा जांच और समयबद्ध मरम्मत बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। वहीं एनएचएआई के परियोजना निदेशक अजय सिंह ने बताया कि दिल्ली से बुलाई गई ब्रिज एक्सपर्ट टीम की जांच में एक बेयरिंग धंसी हुई मिली।
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