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पल्स पोलियो उन्मूलन के तहत अभियान आज से
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गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से पोलियो उन्मूलन के तहत जनपद में दस मार्च से सघन पल्स पोलियो अभियान चलाया जा रहा है। पहले चरण में यह अभियान 18 मार्च तक चलेगा। जिसमें पांच साल तक के पांच लाख 30 हजार बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य तय किया गया है।
पहले दिन दस मार्च को बूथ स्तर पर दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 11 से 15 मार्च तक घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाया जाएगा। इसके लिए जिलेभर में 2009 बूथ तथा घर-घर भ्रमण करने के लिए 945 टीमें बनाई गईं हैं। ट्रांजिट स्थलों की संख्या 80 एवं मोबाइल टीम की संख्या 65 है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. आरके सिन्हा ने बताया कि पोलियो के विरुद्व प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम व पल्स पोलियो अभियान के अन्तर्गत पोलियो वैक्सीन की दवा दी जाती है। यह दवा पांच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के लिये अत्यन्त आवश्यक है। बच्चे के जन्म पर, छठें, दसवें, व चौदहवें सप्ताह में फिर 16 से 24 माह की आयु के मध्य बूस्टर खुराक दी जानी चाहिए। कहा कि पोलियो या पोलियो मेलाइटिस एक गंभीर और खतरनाक बीमारी है। पोलियो वायरस से होता है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है। वायरस मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है जिसकी वजह से लकवा भी हो सकता है।
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पहले दिन दस मार्च को बूथ स्तर पर दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 11 से 15 मार्च तक घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाया जाएगा। इसके लिए जिलेभर में 2009 बूथ तथा घर-घर भ्रमण करने के लिए 945 टीमें बनाई गईं हैं। ट्रांजिट स्थलों की संख्या 80 एवं मोबाइल टीम की संख्या 65 है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. आरके सिन्हा ने बताया कि पोलियो के विरुद्व प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम व पल्स पोलियो अभियान के अन्तर्गत पोलियो वैक्सीन की दवा दी जाती है। यह दवा पांच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के लिये अत्यन्त आवश्यक है। बच्चे के जन्म पर, छठें, दसवें, व चौदहवें सप्ताह में फिर 16 से 24 माह की आयु के मध्य बूस्टर खुराक दी जानी चाहिए। कहा कि पोलियो या पोलियो मेलाइटिस एक गंभीर और खतरनाक बीमारी है। पोलियो वायरस से होता है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है। वायरस मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है जिसकी वजह से लकवा भी हो सकता है।
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