फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   नाड़ियों के शुद्घिकरण के लिए करना चाहिए सिद्धासन

नाड़ियों के शुद्घिकरण के लिए करना चाहिए सिद्धासन

Sat, 17 Jun 2017 11:03 PM IST
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
नाड़ियों के शुद्घिकरण के लिए करना चाहिए सिद्धासन

विज्ञापन
सुहवल(गाजीपुर)। विश्व योग दिवस से पूर्व क्षेत्र के विभिन्न गांवों में योग कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय इंटर कालेज के परिसर में शनिवार को आयोजित योग कक्षा में योगाचार्य अमित पांडेय ने सिद्धासन के तरीके और लाभ की जानकारी दी । इस आसन को करने से ब्रह्मचर्य कि प्राप्ति में सहायक होता है। नाड़ियों के शुद्धिकरण में इस आसन का नियमित अभ्यास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह आसन मानसिक ठहराव देते हुए सूक्ष्मनाड़ी से प्राण का प्रवाह सुनिश्चित करता है। कुंडलिनी जागरण में सहायता करता है। नाड़ियों के शुद्धिकरण में इस आसन का नियमित अभ्यास करना चाहिए। इस योग से पूरे शरीर में ताजगी आ जाती है। इस आसन के अभ्यास से 72 हजार नाड़ियों की अशुद्धियों को दूर किया जा सकता है। सिद्धासन ध्यान के लिए भी होता है, यह आसन ध्यान के लिए उत्तम माना गया है। साथ ही साथ आपके मन को एकाग्र करने में बड़ी भूमिका निभाता है। इस आसन को करने से मन मस्तिष्क तेज होता है। विशेषकर यह आसन छात्र एवं छात्राओं के लिए यह एक उम्दा योगाभ्यास है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed