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अमृत सरोवरों के लिए 75 तालाब चिन्हित
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जिले में अमृत सरोवरों का निर्माण कराकर बारिश के पानी का संचय किया जाएगा। यही नहीं इन सरोवरों को हरे भरे पार्क के रूप में भी विकसित किया जाएगा ताकि लोग सुबह-शाम बैठने के साथ टहल भी सकें। इसके साथ ही सरोवर के पास सामुदायिक भवन, शौचालय और मोटरबोट की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। जिले में 75 तालाबों को चिन्हित किया गया है। एक सरोवर के विकास पर करीब 30 से 40 लाख रुपये का खर्च आएगा।
जल संरक्षण को लेकर सरकार की ओर से तमाम जतन किए जा रहे हैं। राजस्व विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में करीब एक हजार तालाब हैं। इनमें बहुत से तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है तो कई तालाब अतिक्रमण का शिकार होकर अस्तित्व भी खो चुके हैं। अब शासन ने एक एकड़ क्षेत्रफल में फैले तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके निर्माण का उद्देश्य बारिश का पानी संचय करना है ताकि इन अमृत सरोवरों में वर्ष भर जल की उपलब्धता बनी रहे। जिले में 75 तालाबों को चिह्नित किया गया है। सबसे पहले तालाब की खुदाई होगी और उसके चारों तरफ चबूतरा बनाया जाएगा। सामुदायिक भवन, शौचालय आदि की व्यवस्था रहेगी। सरोवरों के किनारे फलदार, औषधियुक्त, आक्सीजन देने वाले नीम, पीपल, बरगद, जामुन, पाकड़, कटहल एवं महुआ आदि के पौधे लगाए जाएंगे। इस पर मनरेगा, राज्य-केंद्र वित्त आदि मद से कार्य कराया जाएगा। इस योजना को पूर्ण करने के लिए कई विभागों को शामिल किया गया है। इसमें ग्रामीण विकास विभाग के साथ-साथ वन, कृषि विभाग के मृदा संरक्षण यूनिट और जल शक्ति विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता ने बताया कि इन सरोवर के शिलान्यास एवं उद्घाटन के मौके पर स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस तक इसका निर्माण पूरा किया जाना है। इस दिन यहां झंडारोहण होगा।
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जल संरक्षण को लेकर सरकार की ओर से तमाम जतन किए जा रहे हैं। राजस्व विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में करीब एक हजार तालाब हैं। इनमें बहुत से तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है तो कई तालाब अतिक्रमण का शिकार होकर अस्तित्व भी खो चुके हैं। अब शासन ने एक एकड़ क्षेत्रफल में फैले तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके निर्माण का उद्देश्य बारिश का पानी संचय करना है ताकि इन अमृत सरोवरों में वर्ष भर जल की उपलब्धता बनी रहे। जिले में 75 तालाबों को चिह्नित किया गया है। सबसे पहले तालाब की खुदाई होगी और उसके चारों तरफ चबूतरा बनाया जाएगा। सामुदायिक भवन, शौचालय आदि की व्यवस्था रहेगी। सरोवरों के किनारे फलदार, औषधियुक्त, आक्सीजन देने वाले नीम, पीपल, बरगद, जामुन, पाकड़, कटहल एवं महुआ आदि के पौधे लगाए जाएंगे। इस पर मनरेगा, राज्य-केंद्र वित्त आदि मद से कार्य कराया जाएगा। इस योजना को पूर्ण करने के लिए कई विभागों को शामिल किया गया है। इसमें ग्रामीण विकास विभाग के साथ-साथ वन, कृषि विभाग के मृदा संरक्षण यूनिट और जल शक्ति विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता ने बताया कि इन सरोवर के शिलान्यास एवं उद्घाटन के मौके पर स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस तक इसका निर्माण पूरा किया जाना है। इस दिन यहां झंडारोहण होगा।
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