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दो माह बाद भी मामले का नहीं हुआ खुलासा
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:03 PM IST
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कासिमाबाद(गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के इंदौर गांव स्थित राम जानकी कुटी के गर्भगृह में स्थापित भगवान राम, लक्ष्मण और जानकी की मूर्तियां बरामद होने के बाद भी महंत गौतम दास की हत्या की गुत्थी दो माह बाद भी नहीं सुलझ सकी है।
23 अप्रैल की रात महंत गौतम दास की गला दबाकर हत्या करने के बाद गर्भगृह से भगवान राम, लक्ष्मण और जानकी की मूर्तियां लूट ले गए थे। घटना की सुबह ग्रामीणों के हंगामे के बीच महंत का शव लेने में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी थी। इसके बाद घटना से ठीक एक माह बाद बीते 22 मई को भगवान राम लक्ष्मण जानकी की मूर्तियां मरदह थाना क्षेत्र के सिंगेरा गांव के एक स्कूल परिसर में फेंकी हुई मिली थी। मूर्तियों के मिलने के बाद लोगों को लगा कि इस मामले का जल्द ही पुलिस पर्दाफाश कर देगी। इससे पूर्व भी मूर्तियां दो बार चोरी हुई थी और दोनों ही बार मूर्तियां लावारिस हालत में नहर एवं खेत में बरामद हुई थी। दोनों ही बार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इस बार भी पिछली घटनाओं की तर्ज पर ही मूर्तियां तो मिल गई लेकिन अभी भी रहस्य बना हुआ है कि महंत गौतम दास की हत्या किन कारण से की गई।
23 अप्रैल की रात महंत गौतम दास की गला दबाकर हत्या करने के बाद गर्भगृह से भगवान राम, लक्ष्मण और जानकी की मूर्तियां लूट ले गए थे। घटना की सुबह ग्रामीणों के हंगामे के बीच महंत का शव लेने में पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी थी। इसके बाद घटना से ठीक एक माह बाद बीते 22 मई को भगवान राम लक्ष्मण जानकी की मूर्तियां मरदह थाना क्षेत्र के सिंगेरा गांव के एक स्कूल परिसर में फेंकी हुई मिली थी। मूर्तियों के मिलने के बाद लोगों को लगा कि इस मामले का जल्द ही पुलिस पर्दाफाश कर देगी। इससे पूर्व भी मूर्तियां दो बार चोरी हुई थी और दोनों ही बार मूर्तियां लावारिस हालत में नहर एवं खेत में बरामद हुई थी। दोनों ही बार आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इस बार भी पिछली घटनाओं की तर्ज पर ही मूर्तियां तो मिल गई लेकिन अभी भी रहस्य बना हुआ है कि महंत गौतम दास की हत्या किन कारण से की गई।
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