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54 मझोली, 275 बड़ी नाव की व्यवस्था की गई
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गाजीपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत सामग्री वितरण के बाद शुक्रवार को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से संबंधित सभी पहलुओं पर अधिकारियों से चर्चा की। जिलाधिकारी एमपी सिंह ने आबादी एवं कृषि क्षेत्र दोनों के दृष्टिकोण से प्रभावित गांवों की संख्या से अवगत कराते हुए बताया कि जिले में कुल 32 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। यहां प्रभावित परिवारों में अब तक 1005.87 क्विंटल गेहूं और 670.61 क्विंटल चावल वितरित किया गया है। राहत कार्य के लिए 282 बाढ़ चौकियों और 17 बाढ़ राहत केंद्र की स्थापना की गई है।
डीएम ने कहा कि जनपद में 54 मझोली, 275 बड़ी नाव की व्यवस्था की गई है। साथ ही बचाव और राहत कार्य के लिए 48 गोताखोरों की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त बाढ़ से बचाव के लिए एक प्लाटून पीएसी (जल पुलिस) रेवतीपुर और सेवराई तहसील में तैनात की गई है, जिनके पास चार स्टीमरयुक्त रबर बोट हैं। बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 30 पशु राहत केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 180 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है। साथ ही 1040 पशुओं को अब तक उपचारित और 14668 पशुओं का टीकाकरण किया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध है। कंट्रोल रूम में आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसी प्रकार सभी तहसीलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। जनपद की सभी तहसीलों के जिन गांवों में बाढ़ की आशंका थी, उनमें मुनादी कराकर चेतावनी का प्रसारण कराया गया है। लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
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डीएम ने कहा कि जनपद में 54 मझोली, 275 बड़ी नाव की व्यवस्था की गई है। साथ ही बचाव और राहत कार्य के लिए 48 गोताखोरों की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त बाढ़ से बचाव के लिए एक प्लाटून पीएसी (जल पुलिस) रेवतीपुर और सेवराई तहसील में तैनात की गई है, जिनके पास चार स्टीमरयुक्त रबर बोट हैं। बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 30 पशु राहत केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 180 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है। साथ ही 1040 पशुओं को अब तक उपचारित और 14668 पशुओं का टीकाकरण किया गया है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध है। कंट्रोल रूम में आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तीन-तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसी प्रकार सभी तहसीलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। जनपद की सभी तहसीलों के जिन गांवों में बाढ़ की आशंका थी, उनमें मुनादी कराकर चेतावनी का प्रसारण कराया गया है। लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
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