फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   करहिया में विकास कार्य को मिली गति

करहिया में विकास कार्य को मिली गति

Wed, 06 Mar 2019 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Mar 2019 11:39 PM IST
विज्ञापन
करहिया में विकास कार्य को मिली गति
सेवराई(गाजीपुर)। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत सांसद मनोज सिन्हा ने भदौरा ब्लाक अंर्तगत सांसद आदर्श गांव करहिया को गोद लिया। यहां की मूलभूत सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए लगभग सभी प्रकार के विकास कार्य कराए गए। गांव में सड़क, शौचालय, बिजली, पेयजल आदि सभी प्रकार की सुविधाएं मौजूद हैं। वर्तमान में इस गांव की सबसे बड़ी समस्या का आज तक निदान नहीं हो सका है। लोगों के आने-जाने के लिए पोखरे पर पुल की मांग आज भी अधूरी है। पीने के लिए शुद्ध जल का अभाव बना हुआ है।
विज्ञापन

गाजीपुर के सांसद मनोज सिन्हा ने अपने संसदीय क्षेत्र के करहिया ग्राम पंचायत को खुले में शौच मुक्त करने की दशा में दो डीलक्स सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया। ग्राम प्रधान शिव शंकर सिंह ने बताया कि गोद लेने के पहले गांव की दशा एकदम दयनीय थी। सांसद जी की ओर से गोद लेने के बाद इस गांव की दशा एवं दिशा में बहुत बड़ा बदलाव आया है। हालांकि अभी कुछ विकास के काम बाकी भी हैं। गांव को रेलवे से जोड़ने के लिए करहिया हाल्ट पर लगभग 41 लाख 35 हजार की लागत से प्लेटफार्म का उच्चीकरण, शेड और पानी पीने की टंकी, बुकिंग काउंटर तक जाने के लिए दो सौ मीटर सीसी रोड आदि का निर्माण कराया गया है। पूरे गांव में लाइट के लिए 30 हजार से ऊपर मूल्य के 35 सौर ऊर्जा लगाया गया है। गांव की चांद मुनी देवी ने बताया कि अब पूरे गांव में रोशनी रहती है। रात को खास कर महिलाओं को आने जाने में परेशानी नहीं उठानी पड़ती है। किसान मोहम्मद कादिर ने बताया कि किसानों को खेतों में पानी चढ़ाने के लिए भी सांसद निधि द्वारा ट्यूबवेल बोरिंग कराया गया है जिससे किसानों को खेतों में पानी आसानी से उपलब्ध हो सके। बच्चों को कंप्यूटर ज्ञान के लिए गांव के पंचायत भवन में कंप्यूटर हब सेंटर का निर्माण कराया गया है, जो इस पिछड़े गांव के लिए मील का पत्थर है। यहां आठ एजुकेशन सेंटर का निर्माण कराया गया है। गांव निवासी सुदामा सिंह ने बताया कि गांव में बने सुलभ शौचालय की देखरेख के लिए किसी की तैनाती नहीं हुई है। जिससे ग्रामीणों को असुविधा झेलनी पड़ती है। अगर सुलभ शौचालय की साफ -सफाई के लिए किसी की तैनाती कर दी जाए तो काफी सुविधा होगी। उपेंद्र सिंह ने बताया कि 90 प्रतिशत ग्रामीणों के निकास के लिए धोबी घाट पोखरे पर पुल नहीं बनने ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed