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समय बदलने के साथ ही छात्र संघों में आ रही विकृति.
Updated Wed, 14 Feb 2018 12:33 AM IST
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जमानिया। विश्वविद्यालय-महाविद्यालयों में छात्र संघ की प्रक्रिया शुरू की गई थी तो उसका उद्देश्य लोकतंत्र की नर्सरी तैयार करना था। यह समझा गया था कि भविष्य में ये छात्र नेता लोकतंत्रात्मक प्रणाली के अनुरूप कार्य करना सीखेंगे और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में हमारे देश को बेहतरीन नेतृत्व क्षमता संपन्न राजनीतिज्ञ प्राप्त होंगे, लेकिन जैसे-जैसे समय बदल रहा है छात्र संघों में विकृति आ रही है। अब यह स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाली राजनीति की नर्सरी न होकर राजनीतिक दलों का पिछलग्गू संगठन बनता जा रहा है जो उचित नहीं है। ये बातें प्रो. के के तिवारी ने मंगलवार को स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित छात्र संघ समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य लोकतंत्रात्मक मूल्यों की स्थापना में अपना योगदान देने के लिए अभिभावकों एवं युवाओं को स्वयं आगे आना चाहिए। यह समारोह छात्रसंघ सत्र 2016-17 एवं 2017-18 का संयुक्त कार्यक्रम था। इसमें दोनों सत्रों के पदाधिकारियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह, प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामप्रिय राय, महाविद्यालय के प्रबंधक लछिराम सिंह यादव, रविंद्रनाथ, ओमप्रकाश यादव, डा. शरद कुमार, डा. अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री, डा. अरुण कुमार, उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश मिश्र, कोतवाल राजाराम, सत्यप्रकाश सिंह, संजय कुमार सिंह, सूरज कुमार जायसवाल, रवि उद्यान, इंद्रभान सिंह, मनोज कुमार सिंह, 2016-17 के अध्यक्ष कुणाल मौर्य, उपाध्यक्ष सुनील कुमार चौरसिया, महामंत्री प्रीति सिंह, पुस्तकालय मंत्री विपिन प्रजापति, कला संकाय एवं विज्ञान संकाय प्रतिनिधि क्रमश: बृजेश कुमार शर्मा एवं अमित उपाध्याय तथा सत्र 2017-18 के अध्यक्ष अभिषेक यादव, उपाध्यक्ष गौतम बुद्ध, महामंत्री कमलेश कुमार कुशवाहा, पुस्तकालय मंत्री विशाल, मनोज कुमार एवं गुलाब आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. देवेंद्रनाथ सिंह ने की। कार्यक्रम का संचालन प्रीति सिंह एवं अभय सिंह ने संयुक्त रूप से किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में राहुल चंद्र, सागर वर्मा, हर्षिता सिंह, प्रज्ञा पांडेय, अंजली गुप्ता, प्रिया, शमीम, हम्जा, संध्या, सना परवीन, प्रीति सिंह आदि की भूमिका सराहनीय रही।
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