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बिजली के आने और जाने का कोई समय निर्धारित नहीं
Updated Mon, 09 Oct 2017 12:07 AM IST
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बिरनो (गाजीपुर)। क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। इसके आने और जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। आलम यह है कि 24 घंटे में सिर्फ छह-सात घंटे ही लोगों को बिजली का दर्शन हो रहा है। इसकी वजह से एक तरफ जहां लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। वहीं सिंचाई के अभाव में खेती का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने चेतावनी दी कि समय रहते आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो वह धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
बिजली आपूर्ति का आलम यह है कि यह कब आएगी और कब चली जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं रह गया है। रात-दिन मिलाकर महज छह-सात घंटे ही बिजली मिल रही है। ऐसे में लोगों को गर्मी के साथ ही खेती के कार्य में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल सूख रही है। शहाबुद्दीनपुर के गोपाल यादव, भड़सर के कमला पाल, विरनो के चंद्रदेव यादव, जयरामपुर के सत्यनारायण पाल, नसरतपुर के झरफल्ली यादव, बिहरा के भीम यादव, माधोपुर मिश्रौली के शंकर मिश्र, सरदरपुर के दिनेश यादव, ढेबुआ के लहजू कुशवाहा आदि किसानों ने कहा कि क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। पर्याप्त बिजली न मिलने पर सिंचाई के अभाव में फसल चौपट हो रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन के अंदर आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो किसान विद्युत उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे। इस संबंध में जेई प्रेमचंद ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है जो कटौती हो रही है, वह कंट्रोल से हो रही है।
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बिजली आपूर्ति का आलम यह है कि यह कब आएगी और कब चली जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं रह गया है। रात-दिन मिलाकर महज छह-सात घंटे ही बिजली मिल रही है। ऐसे में लोगों को गर्मी के साथ ही खेती के कार्य में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल सूख रही है। शहाबुद्दीनपुर के गोपाल यादव, भड़सर के कमला पाल, विरनो के चंद्रदेव यादव, जयरामपुर के सत्यनारायण पाल, नसरतपुर के झरफल्ली यादव, बिहरा के भीम यादव, माधोपुर मिश्रौली के शंकर मिश्र, सरदरपुर के दिनेश यादव, ढेबुआ के लहजू कुशवाहा आदि किसानों ने कहा कि क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। पर्याप्त बिजली न मिलने पर सिंचाई के अभाव में फसल चौपट हो रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन के अंदर आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो किसान विद्युत उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे। इस संबंध में जेई प्रेमचंद ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है जो कटौती हो रही है, वह कंट्रोल से हो रही है।
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