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गड्ढों में तब्दील होने से बाईपास मार्ग पर बंद है वाहनों का आवागमन
Updated Tue, 08 Aug 2017 11:24 PM IST
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दिलदारनगर (गाजीपुर)। मार्ग की दशा देख कलेजा कांप उठता है। सड़क के बीच बड़े-बड़े गड्ढ़े की वजह से एक महीने से रक्सहा-बाईपास पर छोटे-बड़ेे वाहनों का आवागमन बंद है। मार्ग पर नजर पड़ते आप सोच में पड़ जाएंगे कि लगता है कि मार्ग की जेसीबी से खुदाई की गई है। मार्ग की बदहाली के कारण एक माह से भारी वाहनों को अन्य रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। जबकि छोटे वाहन बाजार से होकर गुजर रहे हैं। बाजार वाले मार्ग पर आवागमन का दबाव बढ़ने से रोज लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। बावजूद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि द्वारा मार्ग की दशा सुधारने का कार्य नहीं किया जा रहा है। इससे लोगों में निराशा के साथ ही रोष व्याप्त है।
रक्सहा-बाईपास मार्ग की हालत महीनों से खराब थी, लेकिन इतनी खराब नहीं है कि वाहनों का आवागमन न हो सके। बारिश का मौसम शुरू होते ही पानी लगने से तेजी से मार्ग की सूरत बिगड़ने लगी है और कुछ ही दिनों में मार्ग की स्थिति बद से बदतर हो जाएगी। पिच की जगह बड़ी-बड़ी गिट्टियां दिखाई देने लगी है। ट्रकों का बिहार जाने के लिए एकमात्र यही सड़क है। इससे ट्रकों के गुजरने से गड्ढों की गहराई भी बढ़ती गई और गड्ढों में ट्रकों के फंसने का सिलसिला शुरु हो गया। इससे कभी दस तो कभी 24 घंटा तक ट्रकों की लाइन लगनी शुरु हो गई। रोज-रोज जाम के झाम से बचने के लिए ट्रक चालकों ने इस मार्ग का सहारा लेना छोड़ दिया और अब ट्रकें भदौरा होते हुए बिहार जा रही है। इससे माह से मार्ग पर चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद है। पैदल आवागमन करने वाले किसी तरह गड्ढों से बच-बचाकर गिट्टियों के बीच निकल रहें हैं। इस मार्ग पर छोटे चारपहिया वाहनों का आवागमन बंद होने से बाजार की सड़क पर आवागमन का दबाव बढ़ गया है। इसकी वजह से रोज लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। जाम की सबसे ज्यादा समस्या उस समय उत्पन्न हो रही है, जब ट्रेनों को गुजरने का दौरान रेलवे क्रासिंग बंद हो रहा है। कभी आधा तो कभी एक से लेकर डेढ़ घंटा तक लोगों को जाम में पसीना बहाना पड़ रहा है।
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रक्सहा-बाईपास मार्ग की हालत महीनों से खराब थी, लेकिन इतनी खराब नहीं है कि वाहनों का आवागमन न हो सके। बारिश का मौसम शुरू होते ही पानी लगने से तेजी से मार्ग की सूरत बिगड़ने लगी है और कुछ ही दिनों में मार्ग की स्थिति बद से बदतर हो जाएगी। पिच की जगह बड़ी-बड़ी गिट्टियां दिखाई देने लगी है। ट्रकों का बिहार जाने के लिए एकमात्र यही सड़क है। इससे ट्रकों के गुजरने से गड्ढों की गहराई भी बढ़ती गई और गड्ढों में ट्रकों के फंसने का सिलसिला शुरु हो गया। इससे कभी दस तो कभी 24 घंटा तक ट्रकों की लाइन लगनी शुरु हो गई। रोज-रोज जाम के झाम से बचने के लिए ट्रक चालकों ने इस मार्ग का सहारा लेना छोड़ दिया और अब ट्रकें भदौरा होते हुए बिहार जा रही है। इससे माह से मार्ग पर चारपहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद है। पैदल आवागमन करने वाले किसी तरह गड्ढों से बच-बचाकर गिट्टियों के बीच निकल रहें हैं। इस मार्ग पर छोटे चारपहिया वाहनों का आवागमन बंद होने से बाजार की सड़क पर आवागमन का दबाव बढ़ गया है। इसकी वजह से रोज लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। जाम की सबसे ज्यादा समस्या उस समय उत्पन्न हो रही है, जब ट्रेनों को गुजरने का दौरान रेलवे क्रासिंग बंद हो रहा है। कभी आधा तो कभी एक से लेकर डेढ़ घंटा तक लोगों को जाम में पसीना बहाना पड़ रहा है।
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