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अध्यात्म के ज्ञान से ही दुखों से मिलेगी मुक्ति
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गाजीपुर। श्री गंगाश्रम मानव धर्म प्रसार समाजसेवी संस्था बयेपुर देवकली की ओर से गांव-गांव स्तर पर सत्संग, कीर्तन आदि का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में सोनहरिया तथा महना आदि गांवों में कार्यक्रमों का आयोजन कर गुरु महाराज के संदेश का प्रचार किया गया। वक्ताओं ने कहा कि अज्ञानता से मनुष्य गलत रास्ते पर जाता है। अध्यात्म का ज्ञान ही दुखों से मुक्ति दिला सकता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ तेज बहादुर तथा योगेन्द्र शर्मा ने ईश वंदना से किया। धर्म से जुड़ने की प्रेरणा देते हुए वक्ताओं ने कहा कि माता पिता जीवन में पहले गुरु है। इसके बाद धर्म के सत्य मार्ग को दिखाने वाला सदगुरु सबसे महान होता है। इसी मार्ग पर चल कर मनुष्य अपना जीवन सफल कर सकता है। संयोजक अच्छेलाल यादव ने कहा कि सत्य के संग को ही सत्संग कहा जाता है। जिसने भी ईश्वर में अपना समर्पण कर दिया उसका सारा दुख दूर हो गया। इसी क्रम में महाराज जी के उपदेश, बचन आदि पर प्रकाश डालते हुए परोपकारी बनने पर जोर दिया गया। जो दूसरे के दुख को समझता है वही मानव कहलाने का अधिकारी होता है। सात्विक भोजन और नियमित भजन करना चाहिए। इस मौके पर गुलाब जी, जयराम, सीताराम, ध्रुव, अवधेश, माधव, जय प्रकाश, योगेन्द्र आदि ने सराहनीय भूमिका निभाई। अंत में आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ तेज बहादुर तथा योगेन्द्र शर्मा ने ईश वंदना से किया। धर्म से जुड़ने की प्रेरणा देते हुए वक्ताओं ने कहा कि माता पिता जीवन में पहले गुरु है। इसके बाद धर्म के सत्य मार्ग को दिखाने वाला सदगुरु सबसे महान होता है। इसी मार्ग पर चल कर मनुष्य अपना जीवन सफल कर सकता है। संयोजक अच्छेलाल यादव ने कहा कि सत्य के संग को ही सत्संग कहा जाता है। जिसने भी ईश्वर में अपना समर्पण कर दिया उसका सारा दुख दूर हो गया। इसी क्रम में महाराज जी के उपदेश, बचन आदि पर प्रकाश डालते हुए परोपकारी बनने पर जोर दिया गया। जो दूसरे के दुख को समझता है वही मानव कहलाने का अधिकारी होता है। सात्विक भोजन और नियमित भजन करना चाहिए। इस मौके पर गुलाब जी, जयराम, सीताराम, ध्रुव, अवधेश, माधव, जय प्रकाश, योगेन्द्र आदि ने सराहनीय भूमिका निभाई। अंत में आरती के बाद प्रसाद वितरित किया गया।
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