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जेल में वायरल हुए वीडियो की घंटों हुई जांच
Updated Wed, 22 Aug 2018 12:20 AM IST
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गाजीपुर। जिला जेल के भीतर हुए उपद्रव की खबर का वीडियो वायरल जेल प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक कारागार लखनऊ चंद्र प्रकाश ने जेल अधीक्षक से जबाव-तलब करने के साथ ही पूरे मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने को कहा था। आईजी जेल के निर्देश पर जिला कारागार के भीतर कैदियों द्वारा किए गए उपद्रव के वायरल हुए वीडियो की घंटों जांच-पड़ताल की गई और मंगलवार को इसकी पूरी रिपोर्ट भेज दी गई।
जेल अधीक्षक द्वारा की गई जांच में इस बात का खुलासा हुुआ है कि जेल से सटे लाइन में कर्मचारियों के रहने के लिए अलग-अलग कुल चार ब्लॉकों में मकान बने हैं। इसमें दो मंजिली इमारत भी हैं। इसी दो मंजिली इमारत से जेल के उपद्रव का वीडियो बनाया गया है। रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख है कि उक्त वीडियो किसी मीडियाकर्मी द्वारा बनाया गया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि उपद्रव और अफरा-तफरी के माहौल में जेल कर्मी और उनके परिजन अपने कमरों से बाहर आ गए थे। संभवत: इसी का लाभ उठाते हुए किसी ने वीडियो बनाने का काम किया है। जेल अधीक्षक के नेतृत्व में टीम जांच करने पुन: कर्मचारियों के दो मंजिले मकानों पर गई। वहां जाकर उक्त स्थान से दूसरा वीडियो बनाया गया और रिपोर्ट के साथ उसे भी आईजी जेल लखनऊ को भेजा गया है। उक्त वीडियो में भी जेल परिसर तथा विद्युत तार साफ दिखाई दे रहा है, जो पहले वायरल हुए वीडियो में दिखाया गया है। जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। बहुत जल्द जेल की गोपनीयता भंग करने तथा वीडियो बनाने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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जेल अधीक्षक द्वारा की गई जांच में इस बात का खुलासा हुुआ है कि जेल से सटे लाइन में कर्मचारियों के रहने के लिए अलग-अलग कुल चार ब्लॉकों में मकान बने हैं। इसमें दो मंजिली इमारत भी हैं। इसी दो मंजिली इमारत से जेल के उपद्रव का वीडियो बनाया गया है। रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख है कि उक्त वीडियो किसी मीडियाकर्मी द्वारा बनाया गया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि उपद्रव और अफरा-तफरी के माहौल में जेल कर्मी और उनके परिजन अपने कमरों से बाहर आ गए थे। संभवत: इसी का लाभ उठाते हुए किसी ने वीडियो बनाने का काम किया है। जेल अधीक्षक के नेतृत्व में टीम जांच करने पुन: कर्मचारियों के दो मंजिले मकानों पर गई। वहां जाकर उक्त स्थान से दूसरा वीडियो बनाया गया और रिपोर्ट के साथ उसे भी आईजी जेल लखनऊ को भेजा गया है। उक्त वीडियो में भी जेल परिसर तथा विद्युत तार साफ दिखाई दे रहा है, जो पहले वायरल हुए वीडियो में दिखाया गया है। जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। बहुत जल्द जेल की गोपनीयता भंग करने तथा वीडियो बनाने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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