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1826 मजरे आज भी अंधेरे में
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Mon, 24 Oct 2016 11:06 PM IST
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- फोटो : GettyImages
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जिले के लगभग सभी गांवों तक बिजली दौड़ चुकी है, लेकिन सैकड़ों मजरे अभी भी बिजली आपूर्ति से अछूते है। जमानिया रेलवे स्टेशन स्थित कांशीराम आवास में बिजली का खंभा और तार तो दौड़ाया गया है, लेकिन आज तक कनेक्शन न किए जाने से आवास के लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं। इसके अलावा कई गांवों में ट्रांसफार्मर जले हुए हैं। ऐसे में लोगों को दीपावली अंधेरे में मनाने को विवश होना पड़ सकता है।
वर्ष 2010 में जमानिया रेलवे स्टेशन के पास बने कांशीराम आवास के तहत बने कुल 276 मकान हैं। जिसमें 220 घरों में लोग रहते हैं। आवास परिसर में बिजली का खंभा और तार दौड़ाने के साथ ही ट्रांसफार्मर लगवाया गया है, लेकिन आज तक आपूर्ति न बहाल किए जाने से तार और और खंभे शोपीस बने हुए हैं। इसके अलावा राजस्व गांव के सैकड़ों मजरों में आज तक विद्युतीकरण नहीं किया गया है। जिससे लोग अंधेरे में रहने को विवश है। करीब सौ घरों वाली दिलदारनगर के कुशी गांव की दलित बस्ती में आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी है।
उधर देड़वल गांव में दो माह से ट्रांसफार्मर फुंका है, जिससे पूरी आबादी अंधेरे में हैं। दीपावली को अंधेरे में मनाना उनकी मजबूरी होगी। करंडा के दीनापुर लोहिया ग्राम में दो माह पहले तार और खंभा लगाया गया, लेकिन आज तक कनेक्शन नहीं जोड़ा गया।
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अधीक्षण अभियंता विद्युत आरआर प्रसाद ने बताया कि 1450 राजस्व गांवों के 3578 मजरे में विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है। 1752 मजरे में कार्य पूरा हो गया है। शेष में दिसंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद है। काशीराम आवास में विद्युत कनेक्शन न जोड़े जाने के संबंध में जमानिया एसडीओ शिवम राय ने कहा कि आवास के आठ लोगों ने कनेक्शन लिया है। कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से कनेक्शन नहीं जोड़ा जा सका है। इसकी जांच कराई जा रही है। जल्दी ही गड़बड़ी को दूर दीपावली से पहले विद्युत आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।
वर्ष 2010 में जमानिया रेलवे स्टेशन के पास बने कांशीराम आवास के तहत बने कुल 276 मकान हैं। जिसमें 220 घरों में लोग रहते हैं। आवास परिसर में बिजली का खंभा और तार दौड़ाने के साथ ही ट्रांसफार्मर लगवाया गया है, लेकिन आज तक आपूर्ति न बहाल किए जाने से तार और और खंभे शोपीस बने हुए हैं। इसके अलावा राजस्व गांव के सैकड़ों मजरों में आज तक विद्युतीकरण नहीं किया गया है। जिससे लोग अंधेरे में रहने को विवश है। करीब सौ घरों वाली दिलदारनगर के कुशी गांव की दलित बस्ती में आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी है।
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उधर देड़वल गांव में दो माह से ट्रांसफार्मर फुंका है, जिससे पूरी आबादी अंधेरे में हैं। दीपावली को अंधेरे में मनाना उनकी मजबूरी होगी। करंडा के दीनापुर लोहिया ग्राम में दो माह पहले तार और खंभा लगाया गया, लेकिन आज तक कनेक्शन नहीं जोड़ा गया।
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अधीक्षण अभियंता विद्युत आरआर प्रसाद ने बताया कि 1450 राजस्व गांवों के 3578 मजरे में विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है। 1752 मजरे में कार्य पूरा हो गया है। शेष में दिसंबर तक काम पूरा होने की उम्मीद है। काशीराम आवास में विद्युत कनेक्शन न जोड़े जाने के संबंध में जमानिया एसडीओ शिवम राय ने कहा कि आवास के आठ लोगों ने कनेक्शन लिया है। कुछ तकनीकी दिक्कतों की वजह से कनेक्शन नहीं जोड़ा जा सका है। इसकी जांच कराई जा रही है। जल्दी ही गड़बड़ी को दूर दीपावली से पहले विद्युत आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।